उफनती महानदी और घनघोर अंधेरे को चीरकर 4 ग्रामीणों और एक बेजुबान का रेस्क्यू: बलौदाबाजार के तुरमा गांव में प्रशासन व ग्रामीणों की मिसाल

BIRENDRA KUMAR SEN

August 1, 2026

उफनती महानदी और घनघोर अंधेरे को चीरकर 4 ग्रामीणों और एक बेजुबान का रेस्क्यू: बलौदाबाजार के तुरमा गांव में प्रशासन व ग्रामीणों की मिसाल

रायपुर/बलौदाबाजार:

लगातार हो रही भारी बारिश और महानदी के बढ़े जलस्तर के कारण जिले में भीषण बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। इस बीच ग्राम तुरमा से राहत और उम्मीद भरी खबर सामने आई है। बाढ़ संकट में फंसे मिठाई विश्वकर्मा, उर्मिला विश्वकर्मा, जवाहर विश्वकर्मा और मंजू विश्वकर्मा को प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, नगर सैनिक दल, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। इस साहसिक अभियान में उनके साथ फंसे एक कुत्ते को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

​बाढ़ की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर लवन तहसीलदार पेखन तोन्डरे, लवन थाना प्रभारी अश्वनी सिन्हा, कोतवाली बलौदाबाजार थाना प्रभारी लखेश केवट, पटवारी तुलसीराम बर्मन व मोहनलाल सिन्हा, नगर सैनिक दल और एसडीआरएफ की टीम पहुंची।

​रेस्क्यू स्थल तक पहुँचना सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि हरदी नाला उफान पर था और रास्ता पूरी तरह बंद था। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की मदद से रेस्क्यू टीम ने जैसे-तैसे नाले को पार किया और बिना समय गंवाए खोज अभियान शुरू किया।

​इस अभियान में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। गृह ग्राम तुरमा के ग्रामीणों के फंसे होने की खबर मिलते ही वे सीधे मौके पर पहुंचे। उन्होंने केवल बाहर से निगरानी करने के बजाय रात के घनघोर अंधेरे में खुद रेस्क्यू बोट पर सवार होकर खोज अभियान का नेतृत्व किया।

​घनी झाड़ियों, तेज बहाव और सीमित दृश्यता के बावजूद टीम आगे बढ़ती रही। तुरमा के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने स्थानीय रास्तों का मार्गदर्शन कर अभियान को सुगम बनाया। प्रशासन और ग्रामीणों के इसी तालमेल के कारण यह बेहद जोखिमपूर्ण अभियान बिना किसी जनहानि के सफल रहा।

“समय पर मिली सहायता ने बचाई जान”

सुरक्षित निकाले गए विश्वकर्मा परिवार के परिजनों ने पुलिस, एसडीआरएफ, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर मदद न मिलती तो अनहोनी हो सकती थी।

 

​लगातार बारिश से तुरमा, हरदी, अमलडीहा और पाहांदा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। मुख्य रास्तों के कटने से आवागमन ठप्प है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों पर 24 घंटे निगरानी रखने और इमरजेंसी टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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