देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला आयोजित 80 से अधिक औषधीय वनस्पतियों की पहचान, संरक्षण एवं उपयोगिता पर दी गई जानकारी

TEJASWI NATH SONI

June 14, 2026

वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में वनमंडल बलौदाबाजार के देवपुर परिक्षेत्र में औषधीय वनस्पतियों की पहचान एवं उनके महत्व पर केंद्रित एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य वन क्षेत्रों में उपलब्ध औषधीय पौधों की पहचान, उनके विभिन्न अंगों जैसे छाल, पत्ती, तना, जड़, फल एवं फूल के आधार पर वर्गीकरण तथा उनके औषधीय महत्व की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में वनमंडल बलौदाबाजार, वनमंडल कवर्धा एवं उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके अलावा पारंपरिक वनौषधीय ज्ञान रखने वाले वैद्य, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, बारनवापारा के गाइड्स तथा छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान अर्जुन, आंवला, बहेड़ा, बेल, काली मुसली, हाथीपांव, दूधी, भुईनीम, सतावर, खरहर, ठेलका, नरनारी और गरुड़ सहित लगभग 80 औषधीय वनस्पति प्रजातियों की पहचान कराई गई। विशेषज्ञों ने इन पौधों के पर्यावरणीय महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा विभिन्न रोगों के उपचार में इनके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि वनस्पतियों के फल, फूल, पत्तियां, जड़ एवं अन्य भाग कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में उपयोगी होते हैं। साथ ही प्रकृति आधारित जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ एवं निरोग जीवन जीने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल औषधीय ज्ञान का प्रसार करना नहीं, बल्कि समाज में वृक्षों एवं वनस्पतियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है।

सह संपादक

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