जांजगीर: धान का टोकन न मिलने से परेशान किसान हाई वोल्टेज टॉवर पर चढ़ा, प्रशासन के फूले हाथ-पांव

BIRENDRA KUMAR SEN

January 31, 2026

जांजगीर: धान का टोकन न मिलने से परेशान किसान हाई वोल्टेज टॉवर पर चढ़ा, प्रशासन के फूले हाथ-पांव

​जांजगीर-चांपा | 31 जनवरी 2026​

जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद भावुक और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहाँ व्यवस्था की खामियों से तंग आकर एक अन्नदाता को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। यहाँ अपनी फसल बेचने के लिए ‘टोकन’ न मिल पाने से नाराज एक किसान बिजली के हाई वोल्टेज टॉवर पर चढ़ गया।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज जांजगीर जिले के कसौंदी ग्राम में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 35 वर्षीय किसान अनिल गढ़ेवाल गांव के पास स्थित हाई वोल्टेज बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। किसान का आरोप है कि वह पिछले कई दिनों से अपनी फसल बेचने के लिए टोकन कटवाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे टोकन नहीं दिया जा रहा है।

​मिली जानकारी के अनुसार, कसौंदी निवासी अनिल गढ़ेवाल अपनी धान की उपज को सरकारी केंद्र में बेचने के लिए परेशान था। बार-बार समितियों और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे टोकन जारी नहीं किया गया। टोकन न कटने का मतलब है कि किसान अपनी मेहनत की कमाई को समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएगा। इसी बात से आहत और आक्रोशित होकर अनिल शनिवार सुबह अचानक खेत में लगे हाई वोल्टेज बिजली के टॉवर पर जा चढ़ा।
​जैसे ही ग्रामीणों ने अनिल को टॉवर की ऊंचाइयों पर देखा, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर सिटी कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। टॉवर के नीचे ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से किसान अनिल गढ़ेवाल को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, किसान अपनी मांग पर अड़ा हुआ है कि जब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं होता और उसे टोकन नहीं मिल जाता, वह नीचे नहीं उतरेगा।

​अनिल जिस टॉवर पर चढ़ा है, वह हाई वोल्टेज लाइन है। किसी भी अप्रिय घटना या करंट की चपेट में आने से बचाने के लिए विभाग द्वारा अस्थाई रूप से संबंधित लाइन की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। मौके पर रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को भी तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।

​यह घटना प्रदेश की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शासन-प्रशासन भले ही सुचारू खरीदी का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर अनिल जैसे छोटे किसान आज भी टोकन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टोकन प्रक्रिया में देरी और पारदर्शिता की कमी के कारण किसानों में भारी हताशा है।
​समाचार लिखे जाने तक किसान अभी भी टॉवर पर ही मौजूद है और पुलिस उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए बातचीत कर रही है।
​नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि और किसान के सुरक्षित उतरने की प्रतीक्षा की जा रही है।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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