बलौदाबाजार में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की अहम बैठक संपन्न, धर्मांतरण रोकने सहित 15 प्रस्ताव पारित 18 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बाबा गुरु घासीदास जयंती सादगीपूर्ण मनाने का निर्णय

TEKRAM KOSLE

May 18, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की प्रदेश कार्यकारिणी एवं जिला बलौदाबाजार इकाई की आवश्यक बैठक बलौदाबाजार स्थित महंत नयन दास महिलांग स्मृति स्थल में संपन्न हुई। बैठक में समाज हित, सामाजिक एकता, धर्मांतरण रोकने और सामाजिक रीति-नीति में बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों एवं समाज प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक का शुभारंभ बाबा जी की पूजा-अर्चना एवं सतनाम वंदना के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे, प्रदेश सहसचिव दिनेश बंजारे, कोषाध्यक्ष श्याम जी टांडे सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अध्यक्ष गिरवर निराला एवं बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष दीपक घृतलहरे भी मंच पर मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े ने कहा कि प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज द्वारा समाज हित में किए जा रहे रचनात्मक और सृजनात्मक कार्य अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ सामाजिक रीति-नीति में परिवर्तन आवश्यक है। वर्तमान समय में धर्मांतरण एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है, जिसे रोकने के लिए समाज को संगठित और जागरूक होना होगा।
उन्होंने समाज में धर्मांतरण रोकने, धर्मांतरित लोगों की घर वापसी कराने तथा समाज को एकजुट करने पर जोर दिया। साथ ही 18 दिसंबर को बाबा गुरु घासीदास जयंती सादगीपूर्ण ढंग से मनाने, कफन प्रथा एवं मृत्यु भोज में प्रतिबंध सहित 15 बिंदुओं पर पारित प्रस्तावों को गांव-गांव तक लागू करने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्था लगातार समाज को संगठित करने और सामाजिक एकीकरण को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सतनामी समाज बाहुल्य 10 से अधिक जिलों में सामाजिक पदाधिकारियों का निर्वाचन एवं मनोनयन किया जा चुका है, जबकि लगभग 20 जिलों में संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक संगठन विस्तार अभियान चलाया जा रहा है। महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, विधि प्रकोष्ठ एवं साहित्य प्रकोष्ठ भी सामाजिक समन्वय और एकीकरण को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने राजधानी रायपुर में आयोजित सामाजिक एकीकरण समन्वय सम्मेलन में पारित सामाजिक रीति-नीति परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों को गांव-गांव तक पहुंचाने और उन्हें प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों से ग्रामीण समितियों का गठन कर समाज सुधार अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान विभिन्न जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सामाजिक गतिविधियों और संगठन विस्तार कार्यों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष देवेन्द्र चतुर्वेदी, जिला महासचिव सुशील बंजारे, उपाध्यक्ष बी.एल. दीवाकर, कोषाध्यक्ष लेखराम गनहरे, मीडिया प्रभारी सहदेव जोशी, अशोक मंडले, पलारी ब्लॉक अध्यक्ष महेश ढीढी, लवन ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र डहरिया, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष लता सोनवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, महिला एवं युवा सदस्य उपस्थित रहे।
सामाजिक एकता और संगठन विस्तार पर विशेष जोर
बैठक में समाज को संगठित एवं मजबूत बनाने, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा नई सामाजिक रीति-नीति को अपनाने पर विशेष चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने समाज में जागरूकता अभियान चलाकर पारित प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया।

संपादक { समाचार }

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