स्टिंग वीडियो के बाद बंसुला में खाद बिक्री पर बवाल, किसानों ने प्रशासन को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

SARJU PRASAD SAHU

May 18, 2026

बसना/बंसुला।18 मई 2026 खरीफ सीजन से पहले खाद की किल्लत और कथित ओवररेट बिक्री को लेकर बंसुला क्षेत्र में किसानों का गुस्सा भड़क उठा है। गांव स्थित विजय कृषि सेवा केंद्र पर निर्धारित कीमत से अधिक दर पर खाद बेचने के आरोप लगे हैं। किसानों का दावा है कि एक स्टिंग वीडियो में DAP और यूरिया की कथित कालाबाजारी सामने आई है, लेकिन प्रशासनिक जांच के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों के अनुसार शासन द्वारा निर्धारित 1350 रुपये की DAP खाद 1850 रुपये तक तथा 266 रुपये की यूरिया 550 रुपये में बेची जा रही है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि बिल मांगने पर खाद देने से मना कर दिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

जांच पर उठे सवाल
मामले की शिकायत के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जांच की गई। किसानों का आरोप है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई और पंचनामे में “गंभीर कालाबाजारी” के बजाय “अनियमितता” दर्ज कर मामला हल्का कर दिया गया।

ग्रामीणों और किसान संगठनों ने सवाल उठाए हैं कि यदि स्टिंग वीडियो में अनियमितता के प्रमाण हैं तो गोदाम सील क्यों नहीं किया गया, स्टॉक का भौतिक सत्यापन क्यों नहीं हुआ और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

किसान संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

किसान संघ की बैठक में प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। किसानों ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—

1. कलेक्टर स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

2. गांव के किसानों की मौजूदगी में गोदाम का खुला स्टॉक सत्यापन किया जाए।

3. दोष सिद्ध होने पर संबंधित संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर लाइसेंस रद्द किया जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर हजारों किसान राष्ट्रीय राजमार्ग NH-53 पर प्रदर्शन करेंगे।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

बंसुला का यह मामला अब केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि खाद वितरण व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े कर रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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