वनमंडल बलौदाबाजार अंतर्गत प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के ग्राम बार में ग्रामीणों ने वन्यजीव संरक्षण एवं अपने परिवारों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक पुनर्वास का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अभयारण्य क्षेत्र से अन्यत्र विस्थापित होने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से शासन एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के साथ पुनर्वास को लेकर लगातार संवाद एवं बैठकें आयोजित की जा रही थीं। शासन द्वारा प्रस्तावित पुनर्वास पैकेज, आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर जीवन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा के बाद ग्राम सभा में ग्रामीणों ने एकमत होकर स्वैच्छिक विस्थापन के पक्ष में अपना निर्णय सुनाया।
ग्राम सभा में गांव के बुजुर्गों, महिलाओं एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। घंटों चली चर्चा के बाद बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे बारनवापारा अभयारण्य के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में हाल के वर्षों में वन्यजीवों, विशेषकर बाघ एवं हाथियों की सक्रियता बढ़ी है। ऐसे में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों के इस निर्णय से वन्यजीवों को अधिक सुरक्षित एवं निर्बाध प्राकृतिक आवास उपलब्ध होगा, वहीं संरक्षण कार्यों को भी नई गति मिलेगी।
पुनर्वास स्थल पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
शासन की पुनर्वास योजना के तहत विस्थापित परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास स्थल पर पक्की सड़क, विद्युत, शुद्ध पेयजल, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, सिंचाई व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर एवं बच्चों को शिक्षा और रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
ग्रामीणों ने जताई उम्मीद
ग्रामवासियों ने कहा कि वे लंबे समय से पुनर्वास की मांग करते आ रहे थे। उनका मानना है कि इस निर्णय से एक ओर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तो दूसरी ओर उनके बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने शासन से पुनर्वास प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की अपेक्षा जताई।
पारदर्शी तरीके से होगी पूरी प्रक्रिया
वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग एवं सहमति से पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी एवं चरणबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाएगी। प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित पुनर्वास लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
बारनवापारा अभयारण्य के इतिहास में ग्राम बार का यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।