खाद संकट पर भड़के किसान, सोमवार तक वितरण नहीं हुआ तो मंगलवार से धरना-मोक्ष कुमार प्रधान

SARJU PRASAD SAHU

June 17, 2026

बसना/महासमुंद। खरीफ सीजन के बीच खाद की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बसना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण सेवा सहकारी समिति पथरला की पिरदा शाखा में डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की अनुपलब्धता से परेशान किसानों ने सोमवार को अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। सैकड़ों किसानों ने जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान और मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चम्पकलाल चौहान के नेतृत्व में समिति पहुंचकर खाद की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।

किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के सबसे महत्वपूर्ण समय में उन्हें खाद के लिए रोज समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इससे खरीफ फसलों की बुआई और कृषि कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।समिति के निरीक्षण के दौरान किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस पर समिति प्रभारी ने बताया कि डिस्पैच नंबर जारी नहीं होने के कारण खाद का उठाव और वितरण प्रभावित हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक प्रबंधक से मोबाइल पर चर्चा की गई, जिन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार से खाद वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता आज खाद के लिए भटकने को मजबूर है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार और संबंधित विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार तक खाद वितरण शुरू नहीं किया गया तो मंगलवार सुबह से किसानों के साथ समिति के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और समिति प्रबंधन की होगी।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में खाद की कमी किसानों के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

प्रदर्शन के दौरान उमाकांत प्रधान, हेतुराम गहिर, चतुर्भुज चेरकिया, नेताचंद प्रधान, पदमन प्रधान, सोहन चौहान, रजशन प्रधान, रिखीराम सोम, नित्यानंद गढ़तिया, तिहारू निराला, भारत भोई, गणपत सिदार, ललित सिदार, दुर्लम चौधरी, शाखाराम निराला, सुधाराम निराला, मंगलदास कोसरिया, पंकज प्रधान, रानी बंजारा, कुंती पटेल, दूरपती बंजारा, पुष्पा निराला, अनुपमा साहू, सीता बंजारा, सोहद्रा सिदार, सिया बाई बंजारा, फूलमोती सिदार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसानों ने “खाद दो या जवाब दो” के नारों के साथ प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। किसानों ने मांग की कि जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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