बरसात में सर्पदंश का खतरा: झाड़-फूंक में न गंवाएं समय, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं पीड़ित – कलेक्टर की अपील

SARJU SAHU

July 7, 2026

कोरबा | जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि सर्पदंश की घटनाओं को भी बढ़ा दिया है। नमी और बढ़ते जलस्तर के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में खतरा और गहरा हो गया है। इसी संदर्भ में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के नागरिकों से विशेष अपील की है कि सांप काटने पर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, टोना-टोटका या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को जितनी जल्दी हो सके, नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय पहुंचाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि समय पर मिला एंटी स्नेक वेनम (ASV) ही जीवन बचाने का एकमात्र कारगर इलाज है।

 

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि सर्पदंश का प्रभावी उपचार केवल अस्पतालों में उपलब्ध एंटी-वेनम से ही संभव है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तथा जिला चिकित्सालय में इस दवा का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। साथ ही, मितानिन, आरएचओ (रूरल हेल्थ ऑफिसर) और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। डॉ. केशरी ने आश्वस्त किया कि सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश का नि:शुल्क इलाज और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध हैं; किसी भी मरीज को पैसों की चिंता नहीं करनी चाहिए।

क्या करें, क्या न करें – जानिए जरूरी सावधानियाँ

प्रशासन ने बरसात के मौसम में सतर्क रहने के लिए कुछ आसान लेकिन बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

⚫  रात में निकलते समय: टॉर्च और जूते का अवश्य उपयोग करें। सैंडल या नंगे पैर चलने से बचें, खासकर घास-फूस या गीली जमीन पर।

⚫  घर के आसपास सफाई: कचरा, पुरानी लकड़ी या पत्थरों के ढेर न जमा होने दें। ये सांपों के छिपने की जगह बन सकते हैं।

⚫  सर्पदंश होने पर सबसे पहले: घबराएं नहीं, पीड़ित को शांत रखें और उसे हिलने-डुलने से रोकें – इससे विष फैलने की रफ्तार धीमी होती है।

⚫  क्या न करें: प्रभावित अंग पर कपड़ा या रस्सी न बांधें, न ही चीरा लगाएं या जलाने की कोशिश करें। इससे संक्रमण और नुकसान हो सकता है। झाड़-फूंक या जादू-टोने में समय गंवाना सबसे बड़ी गलती है।

⚫  तुरंत संपर्क करें: मितानिन, आरएचओ या किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को सूचना दें और पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाएं। हर मिनट कीमती है।

जान है तो जहान है

कलेक्टर ने अपनी अपील में कहा कि सर्पदंश के शुरुआती लक्षण (जैसे तेज दर्द, सूजन, चक्कर, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ) दिखते ही इलाज शुरू कर देना चाहिए। विलंब से जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि अंधविश्वास त्यागें और वैज्ञानिक चिकित्सा पर भरोसा करें। जिला प्रशासन ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है – चाहे वाहन की व्यवस्था हो या दवा की उपलब्धता।

इस बरसात के मौसम में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा स्वयं करें। जरा सी सतर्कता और समय पर इलाज हजारों अनमोल जीवन बचा सकता है। अगर किसी को सर्पदंश की घटना दिखे या कोई संदेह हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें या जिला हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। प्रशासन आपके साथ है – बस देर न करें।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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