छुरा: – छत्तीसगढ़िया संस्कृति और एकता का प्रतीक “जबर हरेली रैली” 16 अगस्त, दिन रविवार को भिलाई पॉवर हाउस से शुरू होकर भिलाई के रिसाली दशहरा मैदान में एक बड़े आयोजन के रूप में धूमधाम से संपन्न हुई। इस रैली का आयोजन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य झांकी रही। इनके साथ ही झांकी में अलग-अलग जन मुद्दों को उठाया गया था, साथ समाज के अन्य छत्तीसगढ़िया महापुरुषों के चित्र प्रदर्शित किए गए। पारंपरिक वेश में सजे बच्चे और महिलाएं झांकी में बैठकर लोगों का अभिवादन कर रहे थे। झांकी में आदिवासी कला और छत्तीसगढ़िया संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि इस रैली का उद्देश्य छत्तीसगढ़िया अस्मिता को बचाना, छत्तीसगढ़िया समाज को एकजुट करना और छत्तीसगढ़िया तीज त्यौहार के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। रैली के दौरान लोगों के हाथों में तिरंगा और संगठन के झंडे लहराते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने ग्रुप फोटो लेकर इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई इस रैली में प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। हरेली के अवसर पर निकली इस भव्य और हजारों की भीड़ की रैली ने साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़िया समाज आज भी अपनी माटी, बोली और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। रैली में छत्तीसगढ़ राज्य भर से छत्तीसगढ़िया सेनानी भाई, बहन, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़िया समाज शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक वेशभूषा धारण करके, छत्तीसगढ़िया गमछा के संग रैली में जोश भरा। छत्तीसगढ़ महतारी और बूढ़ा देव के जयकारों से पूरा भिलाई नगर गूंज उठा।
जबर हरेली रैली के प्रदेश स्तरीय इस भव्य और शानदार आयोजन में छुरा खड़ से छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सेनानी में प्रमुख रूप से खड़ उपाध्यक्ष भुनेश्वर कुमार, जिला मीडिया प्रभारी व खड़ महासचिव पुष्पराज साहु, संगठन मंत्री महेश्वर ठाकुर, जिला महासचिव तेज कुमार, अजय, योगेश, खेमराज, गौतम, महेश, मनीष, दादू, मोनू, मिनेश, चंद्रकांत, पप्पू, डिगेश्वर, धर्मराज, हेमलाल, कोमल, दिव्या नंद, दुर्गु, टकेश, धमेंद्र, शंकर, भरत, गोलू, गुलाब, गेशवर, अन्न कुमार, खुमेश्वर, कला राम, हेमन्त कुमार, सावन, रूपेश, डायमंड, जनक नेताम, पूरन, विजय, सालिक राम, कमलेश आदि सम्मिलित हुए।