नेत्रबाधित गायिका द्रोपती दिवान को मिला वाद्ययंत्रों का सहारा, पंडित श्यामाचरण शुक्ला फाउंडेशन ने भेंट किए ढोलक-तबला,

BHUPENDRA SINHA

October 29, 2026

मधुर आवाज की प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन, संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उम्मीद,

छुरा/गरियाबंद :-  प्रतिभा किसी शारीरिक बाधा की मोहताज नहीं होती, जरूरत होती है उसे सही अवसर और प्रोत्साहन देने की। इसी भावना के साथ पंडित श्यामाचरण शुक्ला फाउंडेशन ने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोहझर की नेत्रबाधित गायिका द्रोपती दिवान को ढोलक और तबला भेंट कर उनकी संगीत प्रतिभा को आगे बढ़ाने की पहल की है।

ग्राम लोहझर निवासी द्रोपती दिवान नेत्रबाधित हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज और संगीत के प्रति लगाव उनकी विशेष पहचान है। शारीरिक बाधाओं के बावजूद गायन के प्रति उनका जुनून उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करता है। उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए पूर्व में उन्हें वाद्ययंत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।

इसी आश्वासन को पूरा करते हुए फाउंडेशन की ओर से उन्हें ढोलक और तबला प्रदान किया गया। वाद्ययंत्र मिलने से द्रोपती दिवान को अपने गायन के साथ तालमेल बेहतर बनाने तथा संगीत कला को और निखारने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य उन्हें संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को उचित मंच दिलाने की दिशा में सहयोग करना है।

इस अवसर पर कांग्रेस के स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामवासी भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम बताया।

सहयोग और प्रोत्साहन से निखरेगी प्रतिभा,

द्रोपती दिवान को वाद्ययंत्र भेंट किए जाने की यह पहल समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिभा उसकी शारीरिक सीमाओं से निर्धारित नहीं होती। यदि उसे समय पर सहयोग, अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वह अपनी कला के माध्यम से अलग पहचान बना सकता है।

फाउंडेशन की इस पहल से द्रोपती दिवान के संगीत सफर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब वाद्ययंत्रों के सहयोग से वे अपनी गायन प्रतिभा को और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

सह संपादक

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