विक्रम राय गुरुजी ने सरकार को घेरा, एरियर्स सहित महंगाई भत्ता जारी करने की मांग
छत्तीसगढ़। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक उन्नयन कल्याण संघ ने राज्य सरकार से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित भुगतान करने की मांग की है। संघ के विक्रम राय गुरुजी ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इस संबंध में आदेश जारी नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
केंद्र के समान DA देने की मांग
संघ का कहना है कि चुनाव के दौरान केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने का वादा किया गया था, लेकिन राज्य के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही है। संगठन ने सरकार से सवाल किया है कि जब केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ मिल रहा है, तो छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों को इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान होने का दावा
विक्रम राय गुरुजी के अनुसार, महंगाई भत्ते का लाभ लंबित रहने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने दावा किया है कि कर्मचारियों को प्रतिमाह 3,000 से 8,000 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। संगठन का कहना है कि इसका असर कर्मचारियों के पारिवारिक बजट, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ रहा है।
सात दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
संघ ने राज्य सरकार से लंबित महंगाई भत्ते का आदेश तत्काल जारी करने और एरियर्स सहित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि सात दिनों के भीतर मांग पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर के कर्मचारी-अधिकारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
विक्रम राय गुरुजी ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। सात दिन की समयसीमा में सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर आगे की रणनीति निर्भर करेगी।


