सिरपुर में जानलेवा चाकूबाजी: चंद घंटों में 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
महासमुंद / सिरपुर: थाना तुमगांव अंतर्गत चौकी सिरपुर क्षेत्र में लिफ्ट मांगने को लेकर हुए विवाद के बाद युवक पर जानलेवा हमला करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद कर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
लिफ्ट देने से इनकार पर उपजा विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 6 अक्टूबर की रात की है। प्रार्थी परमानंद के भाई राकेश साहू खाना खाकर लौट रहे थे, तभी अंबेडकर चौक के पास आरोपी हरि ध्रुव ने उनसे लिफ्ट मांगी। राकेश द्वारा मना करने पर हरि गाली-गलौज पर उतर आया। मौके पर पहुंचे परमानंद और टिकेश्वर साहू ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और अपने कार्यस्थल (अस्पताल) चले गए।
कुछ देर बाद आरोपी राजेश ठाकुर ने फोन कर परमानंद पर हरि ध्रुव से माफी मांगने का दबाव बनाया। बातचीत के लिए जब प्रार्थी अपने भाई राकेश और टिकेश्वर के साथ लक्ष्मण मंदिर के पास पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद राजेश ठाकुर, सुरेश मिरी और हरि ध्रुव ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान हरि ध्रुव ने जान से मारने की नीयत से धारदार चाकू से परमानंद के गले और ठुड्डी पर तीन-चार वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई घटना के बाद प्रार्थी ने साथियों की मदद से चौकी सिरपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 228/2026, धारा 296, 115(2), 351(3), 109(1), 3(5) BNS के तहत मामला पंजीबद्ध किया। वैज्ञानिक अधिकारी (Forensic Team) ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य संकलित किए।
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मुख्य आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर नरेंद्र फर्नीचर दुकान के सामने घास में छिपाकर रखा गया धारदार चाकू विधिवत जब्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- हरीराम ध्रुव (26 वर्ष), पिता धनीराम ध्रुव
- राजेश ठाकुर (35 वर्ष), पिता स्व. अवधेश सिंह ठाकुर
- सुरेश मिरी (26 वर्ष), पिता कांताप्रसाद मिरी (सभी निवासी: ग्राम सिरपुर, थाना तुमगांव, जिला महासमुंद)
पुलिस ने 7 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया।