ठाकुरदिया चौक में बवाल अंदाज में मनाया गया जन्माष्टमी महोत्सव
भक्ति, उत्साह और उमंग से सराबोर हुआ ठाकुरदिया चौक, विशाल संख्या में पहुंचे दर्शक
रिकोकला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियों से ठाकुरदिया चौक का पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण नजर आया। ठाकुरदिया चौक में पहली बार भव्य स्वरूप में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव ने ग्रामीण अंचल में अपनी अलग छाप छोड़ी। आकर्षक आयोजन, पर्याप्त व्यवस्था, खुले स्थान और बड़ी संख्या में उमड़े दर्शकों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। देर तक चौक में भक्ति, उल्लास और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच राज दीवान उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपसरपंच प्रतिनिधि हिरा दीवान सहित पंचगण राजेंद्र सोनी, टेकराम डड़सेना, सुकालू दीवान, रुपसिंह डड़सेना, अभिषेक अवस्थी, बाजेंद्र ध्रुव, प्रमोद साहू, मिट्ठू सोनवानी, अमरसिंह ठाकुर, राधे ठाकुर एवं रेखराम दीवान उपस्थित रहे।
इसी प्रकार अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में रतन सिंह डड़सेना, नोहर सिंह सोनवानी, नंद कुमार डड़सेना, सरजू दीवान, प्रकाशचंद नेताम, डी.एल. डड़सेना, सुनील दीक्षित एवं दिनेश त्रीवेदी ने कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
पहली बार ठाकुरदिया चौक में दिखा ऐसा नजारा
जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही खासा उत्साह देखने को मिल रहा था। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे दर्शकों की संख्या भी बढ़ती गई। देखते ही देखते ठाकुरदिया चौक लोगों की विशाल भीड़ से भर गया। चारों ओर उत्साह और उमंग का माहौल नजर आया।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि ठाकुरदिया चौक में पहली बार इतने बड़े स्तर पर इस प्रकार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त व्यवस्था एवं खुला स्थान होने के कारण बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। व्यवस्थित आयोजन और बेहतर व्यवस्थाओं को देखकर उपस्थित लोगों ने आयोजन समिति एवं सहयोगकर्ताओं की जमकर सराहना की।
ग्रामीणों का कहना था कि ठाकुरदिया चौक में इस तरह के आयोजन से न केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि गांव के लोगों को एक साथ मिलकर उत्सव मनाने का अवसर भी मिलता है। जन्माष्टमी महोत्सव ने सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया।
सरपंच राज दीवान ने की आगे भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच राज दीवान ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को जोड़ने का काम करते हैं और आने वाले समय में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए सभी सहयोगियों से आगे भी इसी प्रकार अपना सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की अपील की।
सहयोग से साकार हुआ भव्य आयोजन
इस सफल आयोजन को भव्य रूप देने में क्षेत्र के अनेक लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आयोजन में विशेष सहयोग देने वालों में लल्ला किराना दुकान, निरेन्द दीवान, कलप डड़सेना, संतोष डड़सेना, रुपनाथ डड़सेना, संजू त्रीवेदी, ठाकुर डड़सेना, भाई लाल निषाद, पुखराज डड़सेना, पुखराज बघेल, डॉलचंद डड़सेना, दिलीप दीवान, दीपक ठाकुर, सोनू साहू, दुलार निषाद, ढालू राम सेन, अजय डड़सेना, मनोज सेन, शिवा सेन, लक्ष्मी निर्मलकर, रमेश साहू, लक्ष्मण टंडन, निलांबर साहू, टेकलाल डड़सेना, धीरज दीक्षित, कमल डड़सेना, गोपाल डड़सेना, राजकुमार साहू, पंचू निषाद, टीकम ठाकुर, पप्पू निर्मलकर, लाला निषाद, संकट मोचन एवं पुरुषोत्तम साहू, रामचरण डड़सेना सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इन सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम को भव्य रूप देने में सफलता मिली। आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संचालन ने बांधे रखा लोगों को
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन की जिम्मेदारी प्रमोद कुमार साहू ने संभाली, जिसमें विजय वर्मा ने भी साथ दिया। प्रभावी संचालन एवं कार्यक्रम को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के कारण उपस्थित दर्शक पूरे समय कार्यक्रम से जुड़े रहे।
आयोजन के दौरान ठाकुरदिया चौक में ऐसा उत्साह देखने को मिला कि मानो पूरा चौक श्रीकृष्ण की भक्ति और जन्मोत्सव के रंग में रंग गया हो। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्ग के लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। ग्रामीणों में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
रतन डड़सेना ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन अवसर पर रतन डड़सेना ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, आयोजन से जुड़े सहयोगियों एवं उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता सामूहिक सहयोग से ही संभव होती है और ठाकुरदिया चौक के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता की अपेक्षा व्यक्त की।
यादगार बना जन्माष्टमी महोत्सव
कुल मिलाकर ठाकुरदिया चौक में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव ने ग्रामीण अंचल में उत्सव, आस्था और सामाजिक सहभागिता की एक सुंदर मिसाल पेश की। पहली बार इतने बड़े स्वरूप में आयोजित कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा और विशाल दर्शक संख्या तथा अद्भुत नजारे ने इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखने वाला बना दिया।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में ठाकुरदिया चौक में इससे भी बड़े और भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन देखने को मिलेंगे। आयोजन की सफलता ने यह संदेश भी दिया कि जब समाज एकजुट होकर किसी आयोजन को सफल बनाने में जुटता है, तो छोटा सा चौक भी बड़े उत्सव का केंद्र बन जाता है।