प्रशासन के दावे खोखले, पेट्रोल-डीजल संकट से जनता बेहाल

SARJU PRASAD SAHU

May 19, 2026

गिधौरी। क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने आम जनता और किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला प्रशासन द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं कई जगह खाली हाथ लौटने की नौबत आ रही है।

जानकारी के मुताबिक, गिधौरी सहित आसपास के क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित है। स्थिति यह है कि सुबह से ही वाहन चालकों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन पर्याप्त ईंधन नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खासकर किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि खेती-किसानी के कार्यों में ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में काम का समय चल रहा है और ऐसे में डीजल नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं रोजाना नौकरी, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पा रहा है।

लोगों के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि जब प्रशासन पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने की बात कह रहा है, तो फिर पेट्रोल पंपों पर कमी क्यों दिखाई दे रही है। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि कहीं पंप संचालकों द्वारा कृत्रिम संकट तो पैदा नहीं किया जा रहा, जबकि अन्य का मानना है कि सप्लाई व्यवस्था में ही बड़ी समस्या है।

इस मामले में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। आमजन पूछ रहे हैं कि जिन पेट्रोल पंपों पर लगातार ईंधन नहीं मिल रहा, वहां प्रशासन द्वारा निरीक्षण या कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि केवल अपील जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी और ठोस कार्रवाई जरूरी है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल संकट की तत्काल जांच कराई जाए, आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए और यदि किसी पंप संचालक द्वारा जानबूझकर ईंधन रोकने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment