महंगाई भत्ते में 2% वृद्धि का आदेश निराशाजनक, केंद्र के समान 63% DA देने की मांग

TEJASWI NATH SONI

October 30, 2026

 

कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विशाल वैभव ने जुलाई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने की उठाई मांग, लंबित एरियर्स भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

 

जांजगीर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि कर इसे 58 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय पर कर्मचारी संगठनों ने असंतोष जताया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय कर्मचारी संघ, जिला जांजगीर-चांपा के जिलाध्यक्ष विशाल वैभव ने राज्य सरकार से केंद्र सरकार के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2026 से देने का आदेश तत्काल जारी करने की मांग की है।

 

विशाल वैभव के अनुसार, केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में 2 प्रतिशत वृद्धि कर इसे 60 प्रतिशत करने की घोषणा 1 नवंबर 2026 से लागू करने की बात कही गई है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ता केंद्र सरकार की तुलना में अभी भी 3 प्रतिशत कम है। इसके अलावा केंद्र में जुलाई 2026 से वृद्धि लागू की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में इसका लाभ नवंबर से देने की घोषणा की गई है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

वैभव ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहार के समय कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ नहीं मिल पाना निराशाजनक है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि त्योहार से पहले सरकार महंगाई भत्ते के मामले में राहत देगी, लेकिन घोषित वृद्धि की प्रभावी तिथि नवंबर रखे जाने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।

 

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और केंद्र सरकार की तर्ज पर 1 जुलाई 2026 से 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत स्वीकृत करने का संशोधित आदेश जारी किया जाए।

 

कर्मचारी संगठन ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से महंगाई भत्ते के एरियर्स का भुगतान केंद्र सरकार की देय तिथि के अनुसार लंबित है। सरकार यदि कर्मचारियों और पेंशनरों को दीपावली से पहले राहत देना चाहती है, तो लंबित एरियर्स के साथ वर्तमान महंगाई भत्ते को भी केंद्र के समान 63 प्रतिशत करते हुए 1 जुलाई 2026 से भुगतान सुनिश्चित करे।

 

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ सकता है।

सह संपादक

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