डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सकरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लगाया जागरूकता कार्यक्रम, शोषण और उत्पीड़न के प्रति सतर्क रहने की दी सीख
सकरी, बलौदाबाजार। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों से बचाव के उपाय बताने के उद्देश्य से डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, सकरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलौदाबाजार की ओर से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, संरक्षण, शोषण से बचाव और साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश श्री विवेक गर्ग, साइबर सेल टीम बलौदाबाजार के प्रतिनिधि श्री चंद्रभान पांडे तथा सामाजिक कार्यकर्ता श्री सतीश उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का संरक्षण केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
शोषण के खिलाफ जागरूकता, असुरक्षित स्थिति में मदद लेने की सीख
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित परिस्थिति को नजरअंदाज नहीं करने की समझाइश दी गई। वक्ताओं ने बच्चों को सतर्क रहने, परेशानी की स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने और उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे गलत परिस्थितियों को पहचान सकें और समय रहते मदद मांग सकें।
इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल संभलकर करें
साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया गया। ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने, अनजान लोगों से सावधानी बरतने और डिजिटल माध्यमों पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहने की सीख दी गई। वक्ताओं ने जागरूकता को बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सुरक्षित माहौल देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने, दूसरों को भी जागरूक करने और किसी भी परेशानी की स्थिति में मदद लेने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



