नया सवेरा जन कल्याण समिति की पहल: दो साल से भटक रहे साहिल को मिला नया आश्रय, अब संवरेगा भविष्य ग्राम केसदा से रायपुर के आवासीय बाल आश्रम पहुंचाया गया दो वर्षीय बालक, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर परवरिश की जगी उम्मीद

TEJASWI NATH SONI

October 11, 2026

बलौदाबाजार जिले के सिमगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम केसदा से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक परिस्थितियों के कारण लंबे समय से असुरक्षित माहौल में रह रहे बालक साहिल यादव को नया आश्रय दिलाने की पहल की गई है। नया सवेरा जन कल्याण समिति छत्तीसगढ़ ने बच्चे के सुरक्षित भविष्य और बेहतर परवरिश की दिशा में कदम उठाते हुए 8 अक्टूबर 2026 को उसे रायपुर स्थित आवासीय बाल आश्रम पहुंचाया।

समिति की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती लता अजय साहू के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में समिति की रायपुर इकाई के सदस्यों तथा श्री संदीप सर का सहयोग रहा। इस पहल से बच्चे को सुरक्षित वातावरण, नियमित देखभाल और शिक्षा से जोड़ने की उम्मीद जगी है।

पारिवारिक परिस्थितियों ने छीना बचपन का सहारा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साहिल यादव ग्राम केसदा में लंबे समय से इधर-उधर भटक रहा था। बताया गया कि उसके माता-पिता अलग रहने लगे थे और दोनों ने अलग-अलग विवाह कर लिया था। बच्चे की मां का निधन हो चुका है। वहीं, पिता की शराब की लत और बच्चे के साथ कथित मारपीट की जानकारी भी सामने आई है।

इन परिस्थितियों के कारण बच्चा घर के बजाय गांव में इधर-उधर भटकने और जहां जगह मिलती, वहां सोने को मजबूर था। मामले की जानकारी श्री लोकनाथ सिंह ने नया सवेरा जन कल्याण समिति की प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती लता अजय साहू को दी। इसके बाद समिति ने बच्चे की सहायता के लिए पहल शुरू की, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन का अवसर मिल सके।

स्कूल में हुआ जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों ने दी प्रस्तुतियां

ग्राम केसदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में बच्चे की सहायता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती तेजकु वर्मा ने बच्चे की शिक्षा शुरू कराने, स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था में सहयोग किया। उसकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए गए।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कम समय में तैयार किए गए नाटकों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। पुलिस विभाग की ओर से उपनिरीक्षक श्री गोकुल पटेल ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, मोबाइल एवं कंप्यूटर के सुरक्षित उपयोग तथा सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी।

इसके साथ ही बच्चों को नशामुक्ति और गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया। शिक्षिका श्रीमती तेजकु वर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सामाजिक सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़े संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती तेजकु वर्मा, रविकांत पटेल, विनोद सर, ग्राम सरपंच शिवकुमार, शांति पात्रा, प्रिया, निकिता, निशा, सोनू, रितु देवांगन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अधिवक्ता प्रहलाद तिवारी ने भी कानून से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

फल-बिस्किट वितरण के बाद रायपुर के आश्रम में पहुंचाया गया साहिल

कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को फल एवं बिस्किट वितरित किए गए। इसके बाद नया सवेरा जन कल्याण समिति की रायपुर इकाई के सदस्य राजेंद्र कुमार साहू, विनय साहू, भागवत राम साहू और विष्णु प्रसाद साहू सहित अन्य सदस्यों ने साहिल को रायपुर पहुंचाया और आवासीय बाल आश्रम में श्री संदीप सर को सौंपा।

बताया गया कि बच्चा सीमित कपड़ों में पहुंचा था। इसे देखते हुए समिति की रायपुर इकाई ने उसके लिए कपड़े, बैग, चप्पल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। आश्रम पहुंचने पर वहां मौजूद बच्चों ने साहिल का स्वागत किया।

समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि अब साहिल को सुरक्षित माहौल में उचित देखभाल और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वह अपने जीवन को नई दिशा दे सकेगा।

सामाजिक सरोकारों में सक्रिय है नया सवेरा जन कल्याण समिति

नया सवेरा जन कल्याण समिति छत्तीसगढ़ विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में सहायता और जागरूकता से जुड़े कार्य कर रही है। समिति के अनुसार, उसके प्रमुख कार्यों में कैंसर जागरूकता, दिव्यांगजनों की सहायता, शिक्षा, अन्न भंडारा, पर्यावरण संरक्षण, पशु सेवा, स्वास्थ्य शिविर, स्लम क्षेत्रों में निःशुल्क शिक्षा कक्षाएं, वृद्ध सम्मान समारोह तथा दिव्यांग बच्चों के सामूहिक विवाह जैसे प्रयास शामिल हैं।

समिति का कहना है कि वह जनभागीदारी और आपसी सहयोग के माध्यम से बिना शासकीय आर्थिक सहायता के सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ा रही है। इससे पहले भी समिति द्वारा चार मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय महिला-पुरुषों और नशे की गिरफ्त में आए दो बच्चों की सहायता के लिए रेस्क्यू अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।

साहिल के भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीद

ग्राम केसदा से रायपुर तक साहिल को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की यह पहल समिति की बलौदाबाजार और रायपुर इकाइयों के संयुक्त सहयोग से पूरी हुई। इस प्रयास ने जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर परवरिश के लिए सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता को फिर सामने रखा है।

अब उम्मीद है कि साहिल को नियमित देखभाल, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के साथ बचपन को बेहतर ढंग से जीने का अवसर मिलेगा। जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे प्रयास समाज के अन्य लोगों को भी आगे आने की प्रेरणा देते हैं।

सह संपादक

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