छुरा /गरियाबंद:- विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजमिस्त्री कल्याण संघ छुरा के तत्वावधान में 18 सितंबर की रात ‘चिनहारी लोक मंजीरा परिवार’ का सांस्कृतिक कार्यक्रम छुरा के मिनी स्टेडियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी निषाद, उपाध्यक्ष शमीम खान, समद खान, यशपेंद्र शाह, धर्मेंद्र चंद्राकर, रिंकू सचदेव, रामजी दीवान, भोलेशंकर जायसवाल, पंचराम टंडन, श्रीमती रजनी लहरें, चित्ररेखा ध्रुव, दीप्ति यदु एवं यामीन खान (ट्रांसजेंडर) सहित अन्य अतिथि मंचासीन रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं भगवान विश्वकर्मा के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर की गई। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष लुकेश्वरी निषाद ने भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार बताते हुए विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। वहीं समद खान ने कहा कि क्षेत्र में कई वर्षों से भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, जो सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकजुटता का माध्यम बनते हैं।
‘डेरवा के बिहाव’ ने हंसाया भी और भावुक भी किया,
कार्यक्रम में लोक संस्कृति और मनोरंजन से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियां हुईं। इनमें ‘डेरवा के बिहाव’ नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नाटक के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों से दर्शकों को खूब हंसाया और गुदगुदाया, लेकिन नाटक के अंत में दहेज प्रथा के खिलाफ प्रभावी सामाजिक संदेश दिया गया।
दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों को प्रस्तुत करते इस नाटक ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने वाली इस प्रस्तुति की लोगों के बीच विशेष चर्चा रही।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और साइबर जागरूकता का संदेश,
कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और कला की झलक भी देखने को मिली। लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए स्थानीय संस्कृति को मंच पर जीवंत किया।
वहीं कार्यक्रम के बीच कलाकारों द्वारा पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान से जुड़े संदेश भी दिए गए। लोगों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन को सफल बनाने में राजमिस्त्री कल्याण संघ छुरा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा।