ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का नया खतरा, निजी प्लेटफॉर्म से आ रहे भुगतान के मैसेज

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

September 13, 2026

रायपुर। ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद जारी होने वाले ई-चालान को लेकर अब साइबर ठगी का नया खतरा सामने आया है। वाहन चालकों के मोबाइल पर निजी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चालान भुगतान से संबंधित मैसेज भेजे जाने की शिकायतों ने परिवहन विभाग और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने केंद्र सरकार से इस संबंध में दिशा-निर्देश और कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन लेने की प्रक्रिया शुरू की है।

बैठक में उठा मामला, निजी प्लेटफॉर्म से मैसेज भेजने की जानकारी

मंत्रालय में परिवहन सचिव-सह-परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा, पीएम राहत योजना और ई-चालान सहित कई मुद्दों की समीक्षा की गई। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नागरिकों के मोबाइल पर निजी वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-चालान भुगतान के संदेश पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक ब्लिकइन्फो, कारइन्फो, एनएक्सएस कार, पार्कप्लस, व्हीकलपीएस, ड्राइवएक्सएस, मेमोटर, कार्स24  समेत अन्य निजी प्लेटफॉर्म के नाम इस मामले में सामने आए हैं। इन प्लेटफॉर्म से चालान भुगतान संबंधी संदेश भेजे जाने को लेकर अब इसकी प्रक्रिया और अधिकृत स्थिति की जांच की जरूरत महसूस की गई है।

केंद्र से मांगा जाएगा मार्गदर्शन

बैठक में परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मामले में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएं। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निजी प्लेटफॉर्म द्वारा ई-चालान से संबंधित संदेश भेजने की प्रक्रिया किस सीमा तक अधिकृत है और यदि किसी स्तर पर अनधिकृत गतिविधि पाई जाती है तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

लिंक खोलने से पहले जांच जरूरी

विभाग और पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि मोबाइल पर ई-चालान के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर तत्काल भरोसा न करें। भुगतान करने से पहले चालान की वास्तविकता और आधिकारिक माध्यम की पुष्टि करना जरूरी है।विशेषज्ञों के मुताबिक साइबर ठगी में कई बार लोगों को जल्द भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या उसमें बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करने से बचना चाहिए। संदेह होने पर संबंधित सरकारी माध्यम से ही चालान की जानकारी जांचना सुरक्षित रहेगा।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में एम.आर. अहिरे, डीआईजी, अर्चना झा, डीसीपी ट्रैफिक रायपुर, यशंत कुमार सहित संबंधित पुलिस अधिकारी, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक रामराव, एनआईसीआई के अमित देवांगन और स्वास्थ्य विभाग के डॉ. गवई समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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