13 सितंबर को होगा नगर पंचायत पलारी के ‘शांति नगर के राजा’ का भव्य प्रथम आगमन

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

September 13, 2026

गणपति उत्सव को लेकर शांति नगर में उत्साह चरम पर, वीडियो क्रिएटर्स के लिए ₹1,000 का पुरस्कार

पलारी। गणेशोत्सव को लेकर नगर में उत्साह का माहौल है। वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक 12 स्थित शांति नगर में इस वर्ष गणपति उत्सव को खास अंदाज में मनाने की तैयारी की जा रही है। शांति नगर परिवार द्वारा विराजित किए जाने वाले शांति नगर के राजा’ का भव्य प्रथम आगमन रविवार 13 सितंबर को शाम 6 बजे किया जाएगा। प्रथम आगमन को लेकर मोहल्ले में तैयारियां जोरों पर हैं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

शांति नगर परिवार द्वारा प्रथम आगमन को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। समिति ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर शांति नगर के राजा के भव्य स्वागत में शामिल होने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर दिखेगा युवाओं का हुनर, वायरल वीडियो को ₹1,000

इस वर्ष आयोजन को और खास बनाने के लिए वीडियो क्रिएटर्स के लिए विशेष प्रतियोगिता भी रखी गई है। प्रथम आगमन से लेकर कार्यक्रम के अंतिम क्षण तक प्रतिभागी अपने-अपने अंदाज में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर सकेंगे। प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा वायरल होने वाले वीडियो को शांति नगर समिति की ओर से ₹1,000 का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

समिति का कहना है कि प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को आयोजन से जोड़ने के साथ उन्हें अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर भी मिलेगा।

मिल-जुलकर आयोजन करते हैं, इसलिए शांति नगर की अलग पहचान’

आयोजन की जानकारी देते हुए वार्ड निवासी प्रमोद देवांगन ने बताया कि शांति नगर में गणपति उत्सव सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने में नगरवासियों का हमेशा पूरा सहयोग मिलता है। सबकी सहभागिता और आपसी भाईचारे के कारण शांति नगर का आयोजन हर वर्ष बेहतर और भव्य होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समय के साथ युग बदल रहा है और नई पीढ़ी भी आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आयोजनों से आने वाली पीढ़ी को जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ शांति नगर में बच्चों और युवाओं को भी आयोजन में सहभागी बनाया जा रहा है, ताकि वे अपनी परंपराओं को करीब से समझें और आगे चलकर इन्हें जीवित रखते हुए अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

प्रमोद देवांगन ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि लोगों को एक साथ जोड़ने, आपसी भाईचारा बढ़ाने और बच्चों में संस्कार व सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करने का माध्यम भी बनते हैं।

तैयारियां अंतिम दौर में

‘शांति नगर के राजा’ के प्रथम आगमन को लेकर वार्ड में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। आयोजन समिति और मोहल्ले के युवा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। 13 सितंबर की शाम 6 बजे होने वाले प्रथम आगमन को लेकर शांति नगर ही नहीं, आसपास के श्रद्धालुओं में भी उत्सुकता बनी हुई l

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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