सर्वसमाज की दो टूक—बिक्री, परिवहन और सेवन बर्दाश्त नहीं; नियम तोड़ा तो दंड के साथ सामाजिक कार्रवाई तय
पलारी। नशे के खिलाफ अब पलारी ब्लाक के चरौदा में माहौल गरमा गया है। गांव के सर्वसमाज ने एकजुट होकर शराब के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को ग्राम प्रमुख बृजलाल साहू की अध्यक्षता में हुई महाबैठक में ग्रामीणों ने गांव में पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया। साफ कहा गया कि गांव की सीमा में शराब की बिक्री, परिवहन या सेवन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दंड के साथ सामाजिक कार्रवाई की जाएगी।
अब निगरानी भी होगी, कार्रवाई भी
फैसला लेने के बाद सर्वसमाज ने जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर उठा ली। तेली (साहू) समाज से अर्जुन साहू , रोहित साहू , रामखिलावन साहू , सीलाराम साहू और महावीर साहू को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई।
कलार (जायसवाल) समाज से रमेश जायसवाल, अधनी जायसवाल, बुद्ध राम जायसवाल और मुन्नी राम जायसवाल, गोंड़ (ध्रुव) समाज से आरव ध्रुव, खिलावन ध्रुव, नागेसर ध्रुव, ज्ञान सिंह ध्रुव और विजेन्द्र ध्रुव तथा सतनामी समाज से दशरथ राम कौशले और जगनाथ पात्रे को भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
शराब से ज्यादा अब जागरूकता का नशा
बैठक में ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि शराब ने परिवारों और युवाओं को नुकसान पहुंचाया है। इसलिए अब गांव में नशे के लिए कोई जगह नहीं होगी। युवाओं को नशे से बचाने, परिवारों में खुशहाली लाने और गांव का माहौल बेहतर बनाने के लिए समाज ने खुद मोर्चा संभाला है।
शासन-प्रशासन से भी सख्ती की मांग
सर्वसमाज ने शासन-प्रशासन से भी चरौदा के शराबबंदी अभियान में सहयोग की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव जाग गया है, अब प्रशासन भी साथ खड़ा हो, ताकि अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
चरौदा का संदेश—अब हर गांव जागे
चरौदा की इस पहल ने दूसरे गांवों के सामने भी बड़ा सवाल खड़ा किया है—जब एक गांव मिलकर शराब के खिलाफ खड़ा हो सकता है, तो बाकी गांव क्यों नहीं? सर्वसमाज का संकल्प है कि चरौदा को नशामुक्त बनाकर ऐसी मिसाल कायम की जाए, जिसे आसपास के गांव भी अपनाएं।
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