गिरौदपुरीधाम। 12 अगस्त 2026 ममतामयी मिनीमाता जी की 54वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अखिल भारतीय सतनामी महासभा द्वारा 11 अगस्त को गिरौदपुरी धाम में राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिला विभूतियों का सम्मान किया गया। साथ ही महासभा के संगठनात्मक विस्तार, महिला सशक्तिकरण और समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्यों एवं राजमहंतों द्वारा मुख्य मंदिर में गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना से हुई। इस दौरान ‘मिनीमाता अमर रहें’ और ‘गुरु गोसाई अगम दास अमर रहें’ के जयघोष से गिरौदपुरी धाम गूंज उठा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर ममतामयी मिनीमाता जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया। राष्ट्रीय महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया ने सामूहिक आरती एवं वंदना कराई।
मिनीमाता के कार्यों को किया याद
अतिथियों के स्वागत के बाद श्रद्धांजलि सभा का विधिवत शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया ने अखिल भारतीय सतनामी महासभा की गतिविधियों एवं संगठन के कार्यों की जानकारी दी।
राजमहंत रामचंद्र पाटले, कोरबा ने मिनीमाता जी के सामाजिक एवं ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजमहंत सुंदरसाय बंजारे ने मिनीमाता जी के साथ बिताए समय और उनसे मिले स्नेह को याद करते हुए कहा कि उनके सामाजिक सरोकार और समाज के लिए किए गए कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती कुन्ती जांगड़े ने कहा कि मिनीमाता जी का जीवन नारी शक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जांजगीर में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का नाम ममतामयी मिनीमाता जी के नाम पर करने की मांग शासन के समक्ष रखने की बात कही।
श्रीमती रत्नप्रिया अनंत ने भी मिनीमाता जी की ममता और समाज के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा—मिनीमाता का सपना बेटियों की सफलता में हो रहा साकार
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे ने ममतामयी मिनीमाता जी को नमन किया। उन्होंने कहा कि आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में समाज जिस तरह आगे बढ़ रहा है, उसमें मिनीमाता जी के विचारों और सपनों की बड़ी भूमिका है।
उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी चाहती थीं कि समाज की बेटियां शिक्षा प्राप्त कर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज सतनामी समाज की बेटियां विधायक, सांसद, डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनकर उनके सपने को आगे बढ़ा रही हैं। विधायक लहरे ने कहा कि सामान्य महिला से विधायक बनने तक के सफर में जनता के विश्वास और समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे हर सुख-दुख में क्षेत्र की जनता के साथ खड़ी रहेंगी।
महासभा के संस्थापक गोसाई अगम दास के योगदान को किया याद
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे ने ममतामयी मिनीमाता जी को नमन करते हुए अखिल भारतीय सतनामी महासभा के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जगतगुरु गोसाई अगम दास जी इस महासभा के संस्थापक थे। समाज के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से वर्ष 1924-25 में संगठन का गठन किया गया था।
उन्होंने बताया कि महासभा के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सात रावटी पूर्ण करने के बाद भारतवर्ष के राजमहंतों द्वारा संगठन का पुनर्गठन किया गया और इसे भारत सरकार के कॉरपोरेट एवं कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली में पंजीकृत कराया गया है। उन्होंने कहा कि महासभा की पूरी टीम देशभर में सतनामी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान
मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर अखिल भारतीय सतनामी महासभा द्वारा समाज और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला विभूतियों को स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित महिलाओं में बिलाईगढ़ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे, कला एवं सतनाम संस्कृति के क्षेत्र में पद्मश्री उषा बारले, समाज सेवा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से श्रीमती अंजू रत्नाकर, शिक्षा एवं समाज सेवा से श्रीमती रत्नप्रिया अनंत, कोरबा की श्रीमती रुमीता कुर्रे, ओडिशा की मानसी सतनामी, श्रीमती रूपा चेलक, कसडोल की श्रीमती क्रांति ईश्वरी खुंटे तथा बिलाईगढ़ क्षेत्र की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मनोजबाई मलेच्छ राम खुंटे शामिल रहीं।
महिला प्रकोष्ठ और ओडिशा में संगठन का विस्तार
महासभा के महिला प्रकोष्ठ को मजबूत करते हुए श्रीमती गौरीदेवी खांडेकर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ तथा राजकुमारी डहरिया को राष्ट्रीय सचिव महिला प्रकोष्ठ नियुक्त किया गया। श्रीमती रमा मीरी को महिला प्रकोष्ठ की सदस्य के रूप में सम्मानित किया गया।
इसी तरह ओडिशा राज्य प्रभारी श्री ज्योति लाल बंजारे की अनुशंसा पर श्री सुरेश भारती को नवरंगपुर जिला प्रतिनिधि प्रभारी, बृंदावन बंजारे को कालाहांडी जिला प्रतिनिधि प्रभारी, गणेसु राम पहरे को नुआपाड़ा जिला प्रतिनिधि प्रभारी, केशव बारले को संबलपुर-झारसुगुड़ा जिला प्रतिनिधि प्रभारी, रामप्रसाद ओगरे को बारगढ़ जिला प्रतिनिधि प्रभारी तथा मोतीलाल सतनामी को झारबंद ब्लॉक अध्यक्ष प्रभारी नियुक्त किया गया। सभी को नियुक्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पद्मश्री उषा बारले ने भजन के माध्यम से दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पद्मश्री उषा बारले ने ममतामयी मिनीमाता जी के जीवन पर आधारित सतनाम भजन प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने श्रद्धांजलि सभा को भावुक और भक्तिमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने भजन के माध्यम से मिनीमाता जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर राजमहंत शांतिलाल खरे एवं उनकी टीम द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे का साफा पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर एवं पुष्पहार से स्वागत-अभिनंदन किया गया। महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती कुन्ती जांगड़े ने स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा राजमहंत को जैकेट पहनाकर सम्मानित किया।
डॉ. टी.एल. मिर्धा की पुस्तक का विमोचन
श्रद्धांजलि सभा के दौरान राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉ. टी.एल. मिर्धा द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारत में स्वशासन, मानव अधिकार : समस्याएं एवं संभावनाएं’ का विमोचन भी किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे, विधायक कविता प्राण लहरे, राष्ट्रीय महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत राजेश्वर भार्गव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत सुंदरसाय बंजारे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत सी.आर. टंडन, राष्ट्रीय सचिव राजमहंत जे.पी. कोशले, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजमहंत पी.के. घृतलहरे, ओडिशा राज्य प्रभारी ज्योति लाल बंजारे एवं महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती कुन्ती जांगड़े सहित उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखक डॉ. टी.एल. मिर्धा को शुभकामनाएं दीं।
सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, राजमहंतों, महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों, लेखकों, कवियों एवं कथाकारों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सभा के दौरान कई लोगों ने अखिल भारतीय सतनामी महासभा की सदस्यता भी ग्रहण की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत सुंदरसाय बंजारे, राष्ट्रीय महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत राजेश्वर भार्गव, राजमहंत सी.आर. टंडन, राष्ट्रीय सचिव राजमहंत जे.पी. कोशले, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजमहंत पी.के. घृतलहरे, कार्यक्रम प्रभारी राजमहंत कृष्णकुमार मीरी, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य राजमहंत रामचंद्र पाटले, राजमहंत राजनारायण निराला, राजमहंत गछराम बघेल, राजमहंत तेरसराम मिरझा, राजमहंत खादबदन कुर्रे, राजमहंत गंगाराम लहरे, राजमहंत भुलाऊं राम कुर्रे, राजमहंत बंसीलाल रात्रे, राजमहंत होलिका प्रसाद जांगड़े, राजमहंत सरजू प्रसाद घृतलहरे, राजमहंत शांतिलाल खरे, गज्जूराम रात्रे, महंत रामदास जांगड़े सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती कुन्ती जांगड़े, श्रीमती गौरीदेवी खांडेकर, राजकुमारी डहरिया, श्रीमती रमा मीरी, श्रीमती रत्नप्रिया अनंत, श्रीमती अंजू रत्नाकर, श्रीमती रुमीता कुर्रे सहित अनेक महिला पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
पत्रकार डॉ. कृष्णकुमार डहरिया, डॉ. पी.एल. आदिले, डॉ. सुरेन्द्र दिव्याकर सहित साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम प्रभारी राजमहंत पी.के. घृतलहरे एवं राजमहंत कृष्णकुमार मीरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहंत राजेश्वर भार्गव ने किया। अंत में कार्यक्रम प्रभारी राजमहंत कृष्णकुमार मीरी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ममतामयी मिनीमाता की पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा केवल स्मरण का अवसर नहीं रही, बल्कि शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकजुटता और समाज के सर्वांगीण विकास के संकल्प का मंच भी बनी। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सराहना करते हुए मिनीमाता जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।