
बलौदाबाज़ार, 5 अगस्त। सर्व ब्राह्मण समाज, बलौदाबाज़ार के तत्वावधान में बुधवार को विप्र वाटिका (स्मृति वाल्मिकी शुक्ला भवन) में आयोजित समारोह परंपरा, संस्कार और संगठन के अद्भुत संगम का साक्षी बना। समाज की प्रथम प्रकाशित पत्रिका “विप्र सुरभि” का विमोचन मुख्य अतिथि राजे श्री महंत रामसुन्दर दास जी के करकमलों से संपन्न हुआ। इसी अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्याम शुक्ल का जन्मोत्सव भी गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम के पूजन-अर्चन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि महंत श्री रामसुन्दर दास जी, अध्यक्ष श्याम शुक्ल तथा अन्य अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। समारोह में समाज के वरिष्ठजन, महिला विंग, युवा विंग, कार्यकारिणी सदस्य तथा बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।
‘विप्र सुरभि’ के विमोचन अवसर पर महंत श्री रामसुन्दर दास जी ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान केवल उसके इतिहास से नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के प्रयासों से होती है। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका समाज की वैचारिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम बनेगी और सामाजिक चेतना को नई दिशा प्रदान करेगी।
समाज के अध्यक्ष श्याम शुक्ल ने कहा कि “विप्र सुरभि” का प्रकाशन समाज के सामूहिक प्रयास, समर्पण और एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने पत्रिका के प्रकाशन में सहयोग देने वाले सभी समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि समाज के इतिहास, उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
समारोह में पलारी से अखंड ब्राह्मण समाज के प्रमुख उमाशंकर मिश्रा एवं अनुरुद्ध मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा महिला विंग की अध्यक्ष ऋचा द्विवेदी, युवा विंग के अध्यक्ष नितेश शर्मा, समाज के वरिष्ठजन, प्रबुद्ध नागरिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए विप्रजनों ने समारोह में सहभागिता निभाई।
पत्रिका विमोचन के बाद अध्यक्ष श्याम शुक्ल का जन्मोत्सव केक काटकर मनाया गया। समाजजनों ने उनका अभिनंदन करते हुए समाजहित में उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता एवं सतत सक्रियता की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सफल एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने समाज की एकता, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता को समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
“ब्राह्मण समाज की एकता, समाज की प्रगति” के मूल मंत्र के साथ संपन्न यह आयोजन केवल पत्रिका विमोचन या जन्मोत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना, वैचारिक समृद्धि और संगठनात्मक शक्ति का सशक्त परिचायक बनकर उभरा। समाज की प्रथम प्रकाशित पत्रिका “विप्र सुरभि” का विमोचन सर्व ब्राह्मण समाज, बलौदाबाज़ार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।