रायपुर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों द्वारा प्रवासी मजदूरों पर किए गए कायराना हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य हमले में सक्ती जिले के दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना (28) की मौत हो गई । दोनों युवा अपने परिवार का पेट पालने के लिए कश्मीर में एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अमानवीय आतंकी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “यह हमला बेहद कायराना और मानवता के खिलाफ है। इस दुख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है।”
20-20 लाख रुपये सहायता राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से दोनों दिवंगत मजदूरों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है । यह सहायता दिवंगतों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशासनिक समन्वय और नोडल अधिकारी की नियुक्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं । राज्य सरकार परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करेगी।
हमला शुक्रवार शाम कुलगाम के केलम इलाके में एक ईंट-भट्ठे पर हुआ । आतंकियों ने दोनों मजदूरों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं । दीपक को अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र को गंभीर हालत में पहले अनंतनाग के GMC और फिर श्रीनगर के SKIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया ।
▪️आतंकियों ने धर्म पूछकर की थी हत्या: परिजनों का आरोप
दीपक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि आतंकियों ने गोली मारने से पहले उसकी जाति और धर्म के बारे में पूछा था । दीपक के भाई मनोज ने बताया, “उसे पूछा गया कि वह कहां से है और उसका धर्म क्या है। हिंदू बताने के बाद उसे गोली मार दी गई” । हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर पाई हैं और मामले की जांच जारी है ।
▪️सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा बलों को आतंकियों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन तेज करने का निर्देश दिया है ।
▪️राजनीतिक नेताओं ने की निंदा
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस हमले को “अकल्पनीय क्रूरता” बताते हुए कहा कि ये मजदूर अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से दूर काम कर रहे थे । अपनी पार्टी अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने इस हमले को “दुखद और अमानवीय” करार दिया ।
मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतृप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।