बैंक धोखाधड़ी: इंडियन ओवरसीज बैंक से 14.56 करोड़ रुपये की ठगी, पूर्व शाखा प्रबंधक तंजावुर (तमिलनाडु) से गिरफ्तार

BIRENDRA KUMAR SEN

August 1, 2026

बैंक धोखाधड़ी: इंडियन ओवरसीज बैंक से 14.56 करोड़ रुपये की ठगी, पूर्व शाखा प्रबंधक तंजावुर (तमिलनाडु) से गिरफ्तार

बेमेतरा (छत्तीसगढ़):

सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) शाखा बेमेतरा में हुए 14 करोड़ 56 लाख 9 हजार 693 रुपये के विशाल वित्तीय घोटाले और आपराधिक षड़यंत्र का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी पूर्व बैंक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।

​वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली सोनल ग्वाला के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपी विनीत दास (उम्र 40 वर्ष), निवासी रांची (झारखंड) को तंजावुर (तमिलनाडु) से 29 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी उस समय इंडियन ओवरसीज बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय तंजावुर में पदस्थ था। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लेकर आई है।

​वर्ष 2022 में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास ने बैंक नियमों का घोर उल्लंघन कर बिचौलियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता की थी।

​पुलिस इस मामले में चार सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है:

  1. कमलेश सिन्हा (निवासी बेमेतरा)
  2. जोहन सिंह वर्मा (निवासी केवाछी, बेमेतरा)
  3. नागेश कुमार वर्मा (निवासी केवाछी, बेमेतरा)
  4. टीकाराम माथुर (निवासी बिरमपुर, बेमेतरा)

​आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुल 180 खातों के माध्यम से लगभग 16.01 करोड़ रुपये की राशि में अनियमितताएं पाई गईं। आरोपी बैंक प्रबंधक ने बिचौलियों के साथ मिलकर निम्नलिखित फर्जीवाड़े किए:

  • बिना यूनिट के लोन: फर्जी व बंद पड़ चुकी यूनिटों के नाम पर लोन स्वीकृत किए गए।
  • फर्जी क्रेडेंशियल व जीएसटी: बिना सत्यापन के फर्जी जीएसटी नंबर वाले सप्लायरों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई।
  • फर्जी हस्ताक्षर व अनाधिकृत नकद निकासी: SHG (स्व सहायता समूह) खातों से पदाधिकारियों की जानकारी के बिना जाली हस्ताक्षरों के जरिए नकद राशि निकाली गई।
  • सरकारी व गैर-मालिकों की जमीन पर लोन: ऐसे व्यक्तियों को लोन दिए गए जिनके नाम पर जमीन दर्ज नहीं थी। यहां तक कि एक मामले में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से सीसी (CC) लिमिट स्वीकृत कर दी गई।
  • फर्जी लीगल ओपिनियन: पैनल से बाहर के वकीलों से रिपोर्ट ली गई और स्वीकृत नियमों का उल्लंघन कर अधिक मात्रा में राशि संवितरित की गई।

​आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 409, 120बी, और 34 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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