PM आवास योजना में रिश्वतखोरी का खेल! 5 हजार लेने के बाद भी काटा नाम, पीड़िता पहुंची कलेक्टर की चौखट

BIRENDRA KUMAR SEN

July 28, 2026

PM आवास योजना में रिश्वतखोरी का खेल! 5 हजार लेने के बाद भी काटा नाम, पीड़िता पहुंची कलेक्टर की चौखट

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के ग्राम हिर्री से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव की एक जरूरतमंद महिला ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। आरोप है कि योजना में नाम जोड़ने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से 5,000 रुपये देने के बावजूद पीड़िता को ‘पक्का मकान’ बताकर अपात्र घोषित कर दिया गया।

पीड़ित महिला और दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। शिकायतकर्ता के अनुसार, आवास प्लस 2.0 सर्वे (2024) के दौरान उनका सर्वे किया गया था और ग्राम सभा की सूची में उनका नाम भी दर्ज था। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत सचिव द्वारा रुपयों की मांग की गई। जब पीड़िता ने 5,000 रुपये दे दिए और बाकी राशि देने में असमर्थता जताई, तो साजिश के तहत उन्हें पक्के मकान का मालिक बताकर योजना की सूची से बाहर कर दिया गया।

शिकायतकर्ता महिला ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि उनके पास स्वयं का कोई पक्का मकान नहीं है और वे दूसरे के घर में रहकर जैसे-तैसे अपना जीवनयापन कर रही हैं। वे पूरी तरह से इस योजना की पात्र हितग्राही हैं, लेकिन रिश्वत की पूरी रकम न देने की सजा उन्हें अपात्र बनाकर दी गई है।

पीड़िता ने प्रशासन के सामने खुली चुनौती रखते हुए मांग की है कि अधिकारी पहले उनके घर आकर जमीनी स्थिति की जांच करें, फिर पूरी सूची की पड़ताल कर उन लोगों के घरों की भी जांच करें जिन्हें पात्र घोषित किया गया है।

महिला ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराने, रिश्वत मांगने वाले दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और उन्हें योजना की पात्र सूची में शामिल कर जल्द से जल्द आवास स्वीकृत कराने की गुहार लगाई है।

फिलहाल, यह गंभीर मामला जिला प्रशासन की चौखट पर पहुंच चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस भ्रष्टाचार के आरोप पर क्या रुख अपनाता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

Share this content:

Leave a Comment