अतिवृष्टि से सोनाखान अंचल जलमग्न: खेतों के मेढ़ टूटे, भारी नुकसान से किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी — युधिष्ठिर नायक

BIRENDRA KUMAR SEN

July 27, 2026

अतिवृष्टि से सोनाखान अंचल जलमग्न: खेतों के मेढ़ टूटे, भारी नुकसान से किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी — युधिष्ठिर नायक

कसडोल/सोनाखान:

​बलौदा बाजार जिले के अंतिम छोर एवं बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनाखान तहसील के वनांचल गांवों में हुई मूसलाधार और अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक हुई इस भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और क्षेत्र के किसान गहरे संकट में आ गए हैं।

​वनांचल क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। किसानों के खेत-खलिहान पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। पानी के तेज बहाव के कारण अधिकांश खेतों के मेढ़ टूट गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए खेतों के मेढ़ों की तत्काल मरम्मत कर पाना असंभव नजर आ रहा है।

​युधिष्ठिर नायक  कहना है कि टूटे हुए मेढ़ों को सुधारने और खेतों को दोबारा व्यवस्थित करने में प्रति किसान हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। पहले ही खेती की लागत से जूझ रहे किसानों के लिए यह दोहरी मार साबित हो रही है। फसल डूबने और आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका से क्षेत्र के किसान बेहद चिंतित और निराश हैं।

​इस अतिवृष्टि का मुख्य असर तहसील के दर्जनों गांवों पर पड़ा है। प्रभावित प्रमुख गांवों में देवरुम, गोलाझर, चांदन, सुखरी, छठवन, रिकोकला, देवगांव, बागमाडा, राजादेवरी, नगेड़ी, नगेड़ा, बानीखार, बिलारी, छाता, निठोरा, मानदीप, नगरदा, कुरमाझर, कोहा जुनवानी, कल्मीडीपा, कुशभाटा, खैरा, बरपानी, सोनपुर, कूशगढ़, थरगांव, अमरूवा, डुमरपाली, रंगोरा, बया, चेचरापाली, पकरीद आदि शामिल हैं। इन गांवों में खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचा है।

वनांचल क्षेत्र के पीड़ित किसानों के लिए युधिष्ठिर नायक  ने शासन-प्रशासन से तत्काल स्थिति का जायजा लेने (सर्वे कराने) और फसल तथा मेढ़ क्षति का उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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