जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सांसद सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, शिक्षा और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली:
जंतर-मंतर पर शिक्षा और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राजनीति गरमा गई है। इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम को अलोकतांत्रिक और अमानवीय करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।
प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि कल जंतर-मंतर पर लाखों छात्र, युवा और आम नागरिक देश की शिक्षा तथा नौकरी व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निहत्थे और निर्दोष युवाओं पर लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार कर देश को शर्मसार किया है।
सुधाकर सिंह ने लिखा, “एक सांसद के तौर पर मेरा सिर यह सोचकर शर्म से झुक गया कि हम अपने देश के युवाओं को शिक्षा और रोजगार देना तो दूर, उन्हें अपने मौलिक लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार भी नहीं दे पा रहे हैं।”
सांसद ने पत्र में उल्लेख किया कि महात्मा गांधी के देश में युवाओं के प्रति सरकार का यह हिंसक रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से न केवल देश के भीतर आक्रोश है, बल्कि विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और मित्र देशों के बीच भी भारत की लोकतांत्रिक साख को नुकसान पहुँचा है।
सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने लिखा कि इस घटना से सरकार की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। उन्होंने पत्र के अंत में लिखा, “इतिहास आपको एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा जिसने देश के भविष्य को गर्त में धकेल दिया। किसी भी मुल्क का इतिहास सत्ता में बने रहने वाले अधिनायकों से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाले नागरिकों की गूंज से लिखा जाता है।”
सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों और रवैये में सुधार नहीं किया, तो आने वाले समय में जनता इसका कड़ा जवाब देगी।
