शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का दिखा अनूठा संगम,
छुरा /गरियाबंद :- आदर्श पूर्व माध्यमिक शाला छुरा में प्रवेश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। अतिथिगण प्रार्थना सभा में उपस्थित हुए। अतिथियों द्वारा मां भारती, मां शारदे की पूजा अर्चना की गई। उपरांत शिक्षक चंद्रभूषण निषाद के निर्देशन में सस्वर दीप मंत्र, सरस्वती वंदना एवं गुरु मंत्र के द्वारा स्तुति की गई। उत्सव के मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष लुकेश्वरी निषाद थीं। अध्यक्षता नगर पंचायत उपाध्यक्ष अब्दुल समीम खान रिजवी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति भोलेशंकर जायसवाल, बलराज पटेल, चित्ररेखा ध्रुव, रजनी लहरे, गरिमा ध्रुव, पार्षद हरीश यादव, यामीन खान, दीप्ति यादव, सलीम मेमन, पूर्व पार्षद थानसिंग निषाद, एल्डरमैन तुलाराम साहू, धर्मेंद्र चंद्राकर उपस्थित थे। विशेष अतिथि के रूप में शिक्षाविद् के.आर. सिन्हा, एस.आर. निषाद, उखराज ध्रुवा, बी.एल. तारक, उपाध्यक्ष सत्यभामा राठौर, नगर के गणमान्य नागरिक नारायण पटेल, निखिल साहू, पालक सदस्य कुलेश्वर मरकाम, सपना कंसारी, लीना गोस्वामी, शीलू कौशिक, शीतल उपस्थित थे।
सर्वप्रथम शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा द्वारा विद्यालय की उपलब्धियों को पटल पर रखा गया। उन्होंने बताया कि हमारा विद्यालय सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, योग, स्काउटिंग, इको क्लब, क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, चित्रकारी आदि गतिविधियों द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जिनके कारण विद्यालय में छुरा के अलावा जिले के पांचो विकासखंड और बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, रायपुर जिला के दूर-दराज से आए बच्चे भी अध्ययन करते हैं। विद्यालय के अनुशासन, संस्कार और उच्च शैक्षणिक गतिविधियों के कारण दर्ज संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हमारा स्कूल उच्च प्राथमिक स्तर का सर्वाधिक दर्ज संख्या वाला विद्यालय है।
सिन्हा ने बताया कि पिछले वर्षों में प्रयास आवासीय विद्यालय, जवाहर उत्कर्ष परीक्षा, एनएमएमएसई परीक्षा, एकलव्य आवासीय विद्यालय आदि हेतु बड़ी संख्या में बच्चे चयनित हुए हैं। अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का मुंह मीठा कराके पाठ्य पुस्तक वितरण किया। अतिथियों ने हरे-भरे विद्यालय की संकल्पना को साकार करने हेतु पौधे भेंट किए। मुख्य अतिथि के आसंदी से लुकेश्वरी निषाद ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है। शिक्षा, जीवन का सर्वश्रेष्ठ निवेश है जो हमें हर कठिनाई से लड़ने की शक्ति देता है। एक अनुशासित विद्यार्थी राष्ट्र उत्थान में अग्रणी पंक्ति पर खड़ा होता है। सभापति भोलेशंकर जायसवाल ने कहा कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे आप दुनिया बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सदैव आदर सम्मान करना चाहिए।
सलीम मेमन ने कहा कि उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के कारण जिले ही नहीं बल्कि राज्य में भी आदर्श विद्यालय की अलग पहचान है। हरीश यादव ने कहा कि आप शिक्षा को समय दो, शिक्षा आपका समय बदल देगा। तुलाराम साहू ने कहा कि शिक्षा, केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है जो सही और गलत का भेद सिखाती है। यामीन खान ने कहा कि मैं इसी विद्यालय से पढ़ा हूं और आज जिस मुकाम पर खड़ा हूं उसका संपूर्ण श्रेय अपने शिक्षकों को देता हूं। बच्चों को मन लगाकर पढ़ने हेतु प्रेरित किया। सभी अतिथियों ने विद्यालय के संस्कार, अनुशासन एवं नैतिक शिक्षा की जमकर प्रशंसा किए।
संचालन करते हुए वरिष्ठ शिक्षक मुरारी राम देवांगन ने कहा कि एक छात्र की सबसे महत्वपूर्ण गुण है कि वह हमेशा अपने शिक्षक से प्रश्न पूछे। उन्होंने प्रवेश उत्सव की महत्ता और शिक्षा के अधिकार पर रौशनी डाली। आभार प्रदर्शन प्रधानपाठक जोहरा फातिमा कुरैशी ने किया। सभी बच्चों का खीर-पूड़ी से मुंह मीठा कराया गया। गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक का वितरण किया गया। इको क्लब एवं अतिथियों द्वारा पौधारोपण किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षक उमेश कुमार ढीढी, सुशील कुमार पांडे,शीतल चंद्राकर, करुणा वर्मा, पीली बाई, प्रोतिमा शर्मा, कविता पटेल, रुखमणी, रसोइया फगनी बाई, दिनेश्वरी, लता सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।