30 किलो गांजा छोड़कर फरार हुए थे तस्कर, साइबर टीम की मदद से महासमुंद पुलिस ने दबोचा
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने 30 किलो गांजा तस्करी मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार मुख्य आरोपियों को मध्यप्रदेश के जबलपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो गांजा परिवहनकर्ता, एक गांजा मंगाने वाला (डेस्टिनेशन पॉइंट) और वाहन मालिक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 19 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर कोमाखान पुलिस ने सुवरमाल की ओर से आ रही एक संदिग्ध सफेद मारुति डिजायर कार को रोकने का प्रयास किया था। चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज रफ्तार से भाग निकला। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी रेलवे अंडरब्रिज के पास कार छोड़कर फरार हो गए। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 30 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई।
मामले में थाना कोमाखान में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II)(सी) एवं 29 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। वाहन के स्वामी और साइबर थाना की तकनीकी टीम से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस जबलपुर पहुंची, जहां दबिश देकर वाहन मालिक दुर्गेश चक्रवर्ती को हिरासत में लिया गया। उसकी निशानदेही पर दोनों परिवहनकर्ता छोटू सिंह ठाकुर और राजेंद्र राज चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे जबलपुर निवासी संदीप गुप्ता के लिए ओडिशा से गांजा लाने गए थे। इसके बाद पुलिस ने संदीप गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।
चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पहले ही हो चुकी है 23.22 लाख रुपये की जब्ती
पुलिस इस मामले में पहले ही 30 किलो गांजा (कीमत 15 लाख रुपये), पांच मोबाइल फोन (22,400 रुपये) और एक मारुति डिजायर कार (करीब 8 लाख रुपये) जब्त कर चुकी है। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 23 लाख 22 हजार 400 रुपये बताई गई है।
महासमुंद पुलिस ने बताया कि जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा इस मामले में तकनीकी विश्लेषण और समन्वित कार्रवाई से फरार आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।