आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना: “शाला प्रवेश उत्सव दिखावा, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़,

BHUPENDRA SINHA

June 30, 2026

गरियाबंद :- आम आदमी पार्टी (आप) गरियाबंद के जिलाध्यक्ष चमन यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शाला प्रवेश उत्सव को महज एक “दिखावा” करार दिया है। यादव ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर भाजपा सरकार गरियाबंद जिले के मैनपुर में बड़े धूमधाम से शाला प्रवेश उत्सव मना रही है, वहीं दूसरी ओर जिले के छुरा ब्लॉक सहित अन्य प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को अभी तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

यादव ने कहा, “यह भाजपा सरकार की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और प्रमाणित करता है कि सरकार सरकारी शिक्षण संस्थानों की दशा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना किताबों के शाला प्रवेश उत्सव मनाना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और यह शिक्षा के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

आम आदमी पार्टी की चेतावनी: उग्र आंदोलन की तैयारी

आप जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गरियाबंद जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को शीघ्र ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, तो आम आदमी पार्टी एक व्यापक और उग्र आंदोलन आरंभ करेगी। इस आंदोलन के तहत, जिला शिक्षा विभाग का घेराव भी किया जाएगा, ताकि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके और इस समस्या का समाधान सुनिश्चित हो सके।

यादव ने आगे कहा, “यह शाला प्रवेश उत्सव केवल कागजी कार्रवाई का एक उदाहरण है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल भिन्न है।” उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि छात्रों को बिना आवश्यक पाठ्यपुस्तकों के स्कूल में प्रवेश दिलाना उनके शैक्षिक भविष्य के साथ खिलवाड़ है और यह सीधे तौर पर शिक्षा के अधिकार के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।

शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन और सरकार की अनदेखी

आम आदमी पार्टी की यह स्पष्ट मांग है कि तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी स्कूलों में किताबें उपलब्ध कराई जाएं। यादव ने कहा, “यदि सरकार इस मांग को पूरा करने में विफल रहती है, तो पार्टी न केवल जिला शिक्षा विभाग का घेराव करेगी, बल्कि इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर एक व्यापक जन आंदोलन भी चलाएगी। यह आंदोलन तब तक निरंतर जारी रहेगा जब तक कि सभी बच्चों को उनका संवैधानिक अधिकार, यानी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्राप्त नहीं हो जाता और शिक्षा प्रणाली में मूलभूत सुधार नहीं हो जाते।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के दिखावटी और आडंबरपूर्ण आयोजन वास्तव में सरकारी स्कूलों की गंभीर बदहाली को छिपाने का एक कुत्सित प्रयास मात्र हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि जमीनी स्तर पर शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

सरकार से सवाल: “बिना किताबों के उत्सव का क्या औचित्य?”

चमन यादव ने यह साफ कर दिया कि पार्टी इस गंभीर मामले में किसी भी प्रकार का कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगी और बच्चों के भविष्य को लेकर किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से सीधा प्रश्न किया, “जब छात्रों के पास अध्ययन के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकें ही उपलब्ध नहीं हैं, तो शाला प्रवेश उत्सव मनाने का औचित्य ही क्या है? यह कृत्य केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने और उन्हें गुमराह करने जैसा है।”

आम आदमी पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया और जल्द से जल्द पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो उन्हें गरियाबंद जिले में एक विशाल जन आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। पार्टी ने यह भी घोषित किया कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को राज्य स्तर पर भी प्रभावी ढंग से उठाएंगे, ताकि शिक्षा के अधिकार का सही मायने में अनुपालन सुनिश्चित हो सके और सभी बच्चों को समान शैक्षिक अवसर मिल सकें।

सह संपादक

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