सोनाखान क्षेत्रवासियों का दुर्भाग्य: देश का चौथा सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार, फिर भी DMF लाभ से वंचित

SARJU PRASAD SAHU

June 23, 2026

सोनाखान। वनांचल क्षेत्र की समस्याओं और विकास के मुद्दों को लगातार शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोनाखान के अध्यक्ष युधिष्ठिर नायक ने जिला खनिज न्यास (DMF) की वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार जिले में DMF निधि का लाभ जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की परिधि तक सीमित रखा गया है, जिससे सोनाखान जैसे खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्र उपेक्षित रह गए हैं।

युधिष्ठिर नायक ने बताया कि हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि सोनाखान क्षेत्र के बाघमाड़ा गांव में वेदांता कंपनी द्वारा सोना खनन की परीक्षण खुदाई जारी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यहां देश का चौथा सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में शासन-प्रशासन को भी इससे बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में खनिज संपदा की खोज और परीक्षण कार्य चल रहा हो, वहां के विकास के लिए DMF निधि का उपयोग नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्तमान में परीक्षण कार्य के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों वाहन क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। लाखों रुपये मूल्य की मशीनें लाई जा रही हैं तथा बाहरी राज्यों से इंजीनियर, ऑपरेटर और श्रमिक यहां कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय क्षेत्र को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पा रहा है।

युधिष्ठिर नायक ने मांग की है कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में DMF निधि का उपयोग शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के लोगों की यही अपेक्षा है कि खनिज संपदा से मिलने वाले लाभ का उचित हिस्सा स्थानीय विकास में भी लगाया जाए।

उन्होंने बताया कि इस गंभीर विषय को लेकर क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी चिंतित हैं। विभिन्न गांवों में बैठकें आयोजित कर जनजागरण और समर्थन अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में विधायक बिलाईगढ़, कलेक्टर बलौदाबाजार तथा मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर आवश्यक पहल करने की मांग की गई है।

क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि देश के महत्वपूर्ण स्वर्ण भंडारों में शामिल होने जा रहे सोनाखान क्षेत्र को DMF निधि का लाभ नहीं मिलेगा, तो यह स्थानीय जनता के साथ अन्याय होगा। इसलिए शासन को शीघ्र निर्णय लेकर क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।

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