बीमारियों पर सबसे बड़ा वार, योग को बनाइए जीवन का आधार
पलारी। बढ़ता तनाव, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड की आदत और मोबाइल की दुनिया में सिमटती जिंदगी ने लोगों को बीमारियों की ओर धकेल दिया है। ऐसे दौर में योग एक बार फिर स्वस्थ और खुशहाल जीवन की उम्मीद बनकर सामने आया है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पहले योग परिवार पलारी ने जनजागरण अभियान चलाते हुए लोगों से योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है।
शारदा मंदिर डीप गार्डन के प्रमुख योग शिक्षक राजकुमार यदु ने कहा कि आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी, तनाव या मानसिक दबाव से जूझ रहा है। लोग स्वास्थ्य खोने के बाद इलाज खोजते हैं, जबकि योग ऐसा माध्यम है जो बीमारी आने से पहले ही शरीर को मजबूत और सुरक्षित बना देता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय योग को दें तो अस्पतालों की भीड़, दवाइयों का खर्च और बीमारियों की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को मोड़ने या आसन करने का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन को संवारने की कला है। योग शरीर को शक्ति देता है, मन को शांति देता है और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, हृदय रोग, कमर दर्द, अनिद्रा, तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।राजकुमार यदु ने कहा, “अगर सुबह की शुरुआत योग से होगी तो दिनभर ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता बनी रहेगी। योग वह निवेश है जिसका लाभ पूरी जिंदगी मिलता है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को विशेष रूप से योग से जुड़ने की आवश्यकता है। देर रात तक जागना, घंटों मोबाइल चलाना और शारीरिक गतिविधियों से दूरी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है। योग इन सभी समस्याओं का प्राकृतिक समाधान है। योग न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि सोच को सकारात्मक और व्यक्तित्व को प्रभावशाली भी बनाता है।
योग परिवार पलारी द्वारा शारदा मंदिर डीप गार्डन में प्रतिदिन निःशुल्क योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर योग परिवार ने लोगों से आह्वान किया है कि वे केवल 21 जून को ही नहीं, बल्कि वर्ष के 365 दिनों तक योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क्योंकि स्वस्थ शरीर ही सफलता, समृद्धि और खुशहाली की पहली शर्त है।
योग परिवार का संदेश
दवा से पहले योग, बीमारी से पहले बचाव। करो योग, रहो निरोग। योग करेंगे, रोज करेंगे। स्वस्थ भारत का सपना, घर-घर योग अपना।
इस अवसर पर शिक्षक दिनेश साहु, राजेश कन्नौजे, शत्रुहन वर्मा, ओस राम साहू, हेमलाल देवांगन, संतोष कोसले, फत्तेसेन, आशिष ठाकुर, बल्लु यादव, मनहरण ध्रुव, उमेंद ठाकुर, अर्जुन फेकर, शंकर कश्यप, तुकाराम वर्मा, जगदीश पटेल, रवि कन्नौजे सहित बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।