कोरबा। जिले के विभिन्न टोल प्लाजाओं में स्थानीय वाहन चालकों और आम नागरिकों को हो रही कथित परेशानियों, अवैध वसूली तथा दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सैकड़ों युवाओं ने NHAI कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
यूथ कांग्रेस के ग्रामीण महासचिव एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि तथा बाकीमोगरा कुदरीपारा के पार्षद मधुसूदन दास के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनमोहन राठौर, एनएसयूआई शहर अध्यक्ष दीपक वर्मा समेत बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने टोल प्लाजाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग की।
NHAI अधिकारी से हुई तीखी चर्चा ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल की NHAI अधिकारी अंकित सिंह से टोल व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। युवाओं ने आरोप लगाया कि जिले के टोल प्लाजाओं में स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले के CG-12 पंजीयन वाले वाहनों, स्थानीय निवासियों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के वाहनों को टोल शुल्क से छूट दी जानी चाहिए।
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग युवाओं ने टोल प्रबंधन पर ओवरलोड वाहनों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि ऐसे वाहनों के कारण सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
टोल कर्मचारियों के व्यवहार पर भी उठे सवाल ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई बार टोल कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। युवाओं ने मांग की कि टोल प्लाजा प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि आम जनता, छोटे-बड़े वाहन मालिकों और यात्रियों के साथ सम्मानजनक एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित हो सके।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन युवा कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय जनता से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
मुख्य मांगें
– कोरबा जिले के CG-12 पंजीयन वाले स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त किया जाए।
– स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों को टोल में विशेष छूट दी जाए।
– ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
– टोल प्लाजाओं में अवैध वसूली की शिकायतों की जांच हो।
– टोल कर्मचारियों द्वारा आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
टोल व्यवस्था को लेकर युवाओं की इस पहल ने जिले में स्थानीय वाहनों को टोल फ्री करने की मांग को एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बना दिया है। अब सभी की नजरें NHAI और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।