रात के अंधेरे में धड़ल्ले से चल रहा रेत का काला कारोबार, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

May 7, 2026

बलौदाबाजार। प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती के सरकारी दावों के बीच लवन तहसील के ग्राम तिल्दा में रेत माफियाओं का नेटवर्क बेखौफ होकर सक्रिय है। मुख्यमंत्री की “जीरो टॉलरेंस” नीति और खनिज सचिव पी. दयानंद के कड़े निर्देशों के बावजूद महानदी के पाल कछार क्षेत्र में रात के अंधेरे में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन लगातार जारी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक तिल्दा रेत घाट में शाम ढलते ही रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं। खासकर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक और तड़के 3 बजे से सुबह 7 बजे तक ट्रैक्टरों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत निकाली और बेची जा रही है। आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी कम होते ही नदी का सीना छलनी कर अवैध खनन शुरू हो जाता है।  ग्रामीणों का कहना है कि रेत माफिया घाट के आसपास अपने लोगों को तैनात कर निगरानी करवाते हैं, ताकि प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल सके। लवन नगर से प्रतिदिन करीब 100 ट्रैक्टर रेत परिवहन होने की चर्चा है। बिना पिटपास खुलेआम रेत का कारोबार किया जा रहा है, जिससे शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न निर्माण कार्यों के चलते इन दिनों रेत की मांग बढ़ गई है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी बड़ी मात्रा में रेत डंप कर बरसात में दोगुने दाम पर बेचने की तैयारी में जुटे हैं। गांवों और घरों के आसपास रेत का अवैध भंडारण भी तेजी से बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रहती है। कभी-कभार एक-दो ट्रैक्टरों पर कार्रवाई कर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि रातभर अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी रहता है। इधर खनिज विभाग का दावा है कि कार्रवाई लगातार जारी है।

इस संबंध में खनिज इंस्पेक्टर भूपेंद्र भक्त ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में अलग-अलग दिनों में सात वाहनों पर कार्रवाई की गई है तथा एक रैंप को ध्वस्त किया गया है। हालांकि सवाल अब भी कायम है कि जब अवैध उत्खनन की जानकारी विभाग और प्रशासन को है, तो बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। लगातार जारी अवैध खनन से न केवल शासन को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि महानदी का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता जा रहा है।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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