करोड़ों के धान खरीदी घोटाले में 4 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक कई गिरफ्तारियां
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से धान खरीदी में बड़े फर्जीवाड़े और गबन का मामला सामने आया है। जिला अंतर्गत सरिया थाना क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्र ‘साल्हेओना’ में हुए करोड़ों रुपये के धान खरीदी घोटाले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस घोटाले में सलाखों के पीछे जाने वाले आरोपियों की संख्या बढ़ गई है।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
- समिति का लिपिक (क्लर्क)
- भृत्य (पीन)
- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी
- रात्रि चौकीदार
गौरतलब है कि इस मामले में समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन केंद्र साल्हेओना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। आरोपियों ने बिना धान फड़ (केंद्र) पहुंचे ही, कागजों और कंप्यूटर पर ऑनलाइन खरीदी दर्ज कर दी। इस फर्जी ऑनलाइन एंट्री के जरिए कई लोगों को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
जांच और पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई कि धान खरीदी के इस संवेदनशील कार्य में कुछ ऐसे लोगों को भी लगाया गया था, जिनके पास कोई आधिकारिक नियुक्ति आदेश नहीं था।
आरोपियों ने मिलीभगत कर सरकारी खजाने और समिति को भारी चपत लगाई है। इस पूरे घोटाले का लेखा-जोखा इस प्रकार है:
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मद (Item) |
मात्रा / संख्या |
अनुमानित कीमत |
|---|---|---|
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फर्जी धान खरीदी (गबन) |
3140.80 क्विंटल |
₹97,36,480 |
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नए जूट बारदाने (गबन) |
2045 नग |
₹1,75,931 |
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कुल आर्थिक क्षति |
— |
₹99,12,411 (लगभग 1 करोड़ रुपये) |
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)(क) के तहत अपराध दर्ज किया है। फरार चल रहे चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद नियमों के तहत उनके परिजनों को सूचना दी गई और स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।”
— निमिषा पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP)
सरिया पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद धान खरीदी से जुड़े माफियाओं और भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। घोटाले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस करोड़ों के गबन में क्या कुछ अन्य सफेदपोश या बड़े अधिकारी भी संलिप्त हैं। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।