रोहासी। नगर पंचायत रोहासी का तालाब इन दिनों कथित अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि तालाब की भूमि पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है और अब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि तालाब के भीतर सेफ्टिक टैंक का निर्माण कर दिया गया है, जबकि अस्पताल निर्माण का कार्य भी जारी है। इस मामले को लेकर नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर महोदय से तत्काल हस्तक्षेप और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि तालाब केवल जलस्रोत नहीं बल्कि नगर की जीवनरेखा है। इसके बावजूद तालाब की भूमि पर हो रहे कथित अतिक्रमण प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं रोका गया तो तालाब का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि तालाब की भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ राजस्व एवं नगर निकाय कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि अवैध निर्माणों को तत्काल हटाया जाए और तालाब की मूल सीमा को सुरक्षित किया जाए।
नगर पंचायत अध्यक्ष नंदेश्वर साहू ने कहा कि अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। सार्वजनिक जलस्रोतों पर कब्जा न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह पूरे नगर के हितों पर सीधा हमला है। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इस संबंध में उपाध्यक्ष पितांबर साहू, सभापति दिनेश साहू, प्रमिला कनौजे, अजय नारायण ध्रुव, पार्षद रामनिवास साहू, यामिनी साहू, जानकी साहू, लखन यादव, बुधारू साहू एवं बिंदु ईश्वर बघेल ने भी प्रशासन से तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का सीधा सवाल
आखिर तालाब की जमीन पर कब्जा करने वालों को संरक्षण कौन दे रहा है?
यदि सार्वजनिक जलस्रोत भी अतिक्रमणकारियों से सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर कानून का डर किसे है?
अब पूरे नगर की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि सार्वजनिक संपत्तियों और जलस्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। रोहासी के नागरिकों ने भी मांग की है कि तालाब की भूमि पर हुए हर अवैध कब्जे की जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए और तालाब को अतिक्रमण मुक्तघोषित किया जाए।