ईरफ पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

SARJU PRASAD SAHU

June 2, 2026

कोरबा। जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत ईरफ में उपसरपंच के विरुद्ध पारित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पद से हटाए गए उपसरपंच जयलाल सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी आहरण की शिकायत उठाने के कारण उपसरपंच जयलाल सिंह को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सरपंच, पंचायत सचिव तथा जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से उपसरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और उसे पारित कराने के लिए पंचों पर दबाव बनाया गया। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। उपसरपंच द्वारा इन मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और जांच की मांग किए जाने के बाद उनके खिलाफ माहौल तैयार किया गया। आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई तथा पंचों की स्वतंत्र राय को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत स्तर पर समझौते और विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समझौते के आवेदन पर विचार किया जाता तो स्थिति को टाला जा सकता था, लेकिन जानबूझकर उसे नजरअंदाज कर प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविश्वास प्रस्ताव की संपूर्ण प्रक्रिया, मतदान की परिस्थितियों तथा पंचायत में हुए वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जनदर्शन में सौंपे गए ज्ञापन पर उपसरपंच जयलाल सिंह के अलावा बीर सिंह, नर सिंह, शिवबरन, फूल सिंह, धासिया राम, जेटूराम एवं बेशाखूराम सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें जिला प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई पर भरोसा है और वे जांच के माध्यम से पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं।अब इस मामले में जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर पंचायत क्षेत्र के लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि जांच के आदेश जारी होते हैं तो पंचायत में चल रहे विवाद और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है।

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