
सारंगढ़-बिलाईगढ़।
संकल्प शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार मार्गदर्शन मंच छत्तीसगढ़ ने समाज सेवा, शिक्षा जागरूकता और रोजगार मार्गदर्शन के क्षेत्र में अपने संगठनात्मक विस्तार को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती सरिता सिदार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का जिला संयोजक नियुक्त किया है। सरिता सिदार वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला खिचरी, ब्लॉक बरमकेला में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत हैं।
संस्था के प्रदेश संयोजक लोकनाथ सेन द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सही सूचना और जागरूकता ही समाज को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। संकल्प मंच शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों और जरूरतमंद लोगों को सही दिशा और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे सरकारी योजनाओं, रोजगार अवसरों और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मंच प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान, रक्तदान, सामाजिक सहयोग और सेवा कार्यों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने का कार्य कर रहा है।
प्रदेश संयोजक लोकनाथ सेन ने कहा कि आज भी कई युवा और जरूरतमंद लोग जानकारी के अभाव में विभिन्न अवसरों से वंचित रह जाते हैं। संकल्प शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार मार्गदर्शन मंच ऐसे लोगों तक सही सूचना पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरिता सिदार के नेतृत्व में जिले में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और सामाजिक जागरूकता अभियान को नई दिशा प्राप्त होगी।
नवनियुक्त जिला संयोजक सरिता सिदार ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े सामाजिक कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता और युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए सदैव सक्रिय रहेंगी।
संकल्प शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार मार्गदर्शन मंच द्वारा आने वाले समय में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में युवाओं, महिलाओं, छात्रों और जरूरतमंद परिवारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, मार्गदर्शन शिविर, स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न सामाजिक सेवा अभियान संचालित किए जाएंगे। संस्था का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और लोगों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है।