खेती शुरू होने से पहले ही किसानों पर संकट, डीजल और खाद के लिए भटक रहे अन्नदाता – मोक्ष कुमार प्रधान

SARJU PRASAD SAHU

May 28, 2026

खरीफ से पहले किसान बेहाल डीजल-खाद संकट पर भड़के मोक्ष प्रधान

महासमुंद/बसना। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले ही किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। खेतों की जुताई और बुवाई की तैयारी में जुटे किसानों को डीजल और खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसान ट्रैक्टर लेकर भटकने को मजबूर हैं, वहीं खाद वितरण केंद्रों में लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे हालात में अन्नदाता चिंता और परेशानी के दौर से गुजर रहा है।

बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर किसानों की हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन दूसरी ओर खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि डीजल की कमी और खाद वितरण में अव्यवस्था के कारण किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। किसान सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में डीजल और खाद नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे खरीफ फसल की तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति किसानों की कमर तोड़ने वाली है। समय पर खेतों की जुताई और बुवाई नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों से राहत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में डीजल और खाद की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा और बड़े स्तर पर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन व्यापारियों के माध्यम से किसानों का शोषण करवा रहा है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि खेती के सीजन में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल डीजल और खाद की उपलब्धता बढ़ाने तथा वितरण व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की, ताकि किसानों को राहत मिल सके और खरीफ सीजन प्रभावित न हो।

संपादक { विज्ञापन‍ }

Share this content:

Leave a Comment