महासमुंद/बसना। जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने वारदात को सड़क हादसा दिखाने के लिए पूरी साजिश रची, लेकिन पुलिस जांच में पूरा मामला उजागर हो गया। पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 03 मई 2026 को प्रार्थिया लीला बाई पटेल निवासी बकमा (बागबाहरा) ने थाना कोमाखान में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि ग्राम लामीसरार स्थित मुर्गी फार्म के पास पुरानी रंजिश को लेकर टोंगोंपानी निवासी दीपेश साहू, कुंजन साहू और एक अन्य व्यक्ति ने चितरंजन पटेल के साथ मारपीट की थी। आरोपियों ने युवक के साथ गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी।
शिकायत के आधार पर थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 59/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। गंभीर रूप से घायल चितरंजन पटेल (22 वर्ष) का इलाज जारी था और वह घटना के बाद से बेहोश हालत में भर्ती था। इलाज के दौरान 22 मई 2026 को उसकी मौत हो गई।
मृत्यु के बाद पुलिस ने मर्ग पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) जोड़ दी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी कुंजन साहू (25 वर्ष) और दीपेश साहू (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मृतक चितरंजन पटेल ने पूर्व में आरोपियों में से एक की बहन को भगाकर ले गया था। इसी बात को लेकर आरोपी बदले की भावना से भरे हुए थे। आरोपियों ने 15 अप्रैल 2026 को अपने अन्य साथी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, जब चितरंजन अपने मोटरसाइकिल से लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास पहुंचा, तब आरोपियों ने उसे रास्ते में रोक लिया और कब्रिस्तान के पास ले जाकर विवाद किया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर डंडों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। युवक के बेहोश होने पर आरोपियों ने उसके मोसा को पत्थर से कुचल दिया और दोनों को बिजली खंभे के पास छोड़कर फरार हो गए, ताकि मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो।
कोमाखान पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।