प्राथमिक शाला सरकड़ा के बच्चों ने सीखा बचाव का मंत्र, NDRF टीम ने सिखाए आपदा से निपटने के तरीके,

BHUPENDRA SINHA

April 14, 2026

गरियाबंद :- जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय प्राथमिक शाला सरकड़ा (पांडुका), विकासखंड छुरा में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन कलेक्टर कार्यालय (राहत शाखा) जिला गरियाबंद के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें National Disaster Response Force (NDRF) कटक, उड़ीसा की टीम ने भाग लिया।

कार्यक्रम के तहत FAMEX (Family Emergency Preparedness Exercise) के माध्यम से बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों में खुद और अपने परिवार की सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षण को रोचक बनाने के लिए “खेल-खेल में सीखें सुरक्षा” थीम पर मॉक ड्रिल कराई गई।

मॉक ड्रिल में सीखे अहम सुरक्षा उपाय

भूकंप या आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने का अभ्यास कराया गया। बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ Drop–Cover–Hold तकनीक सीखी, जो भूकंप के दौरान खुद को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण तरीका है।

इसके साथ ही आकाशीय बिजली (तड़ित) के समय अपनाए जाने वाले जरूरी सावधानियों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।

“गो-बैग” रखने की दी सलाह

NDRF टीम के कमांडर वीणा ने बताया कि आपदा कभी भी आ सकती है, इसलिए हर घर में एक “गो-बैग” तैयार रखना चाहिए। इस बैग में टॉर्च, जरूरी दवाइयां, सूखा राशन और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने की सलाह दी गई।

जीवन रक्षक तकनीकों का प्रदर्शन

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने आग बुझाने वाले यंत्रों के उपयोग, प्राथमिक उपचार, CPR, पट्टी बांधने और स्ट्रेचर बनाने जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का लाइव प्रदर्शन किया। साथ ही स्थानीय संसाधनों जैसे खाली बोतल और ड्रम की मदद से अस्थायी राफ्ट बनाना और डूबते व्यक्ति को बचाने के तरीके भी सिखाए गए।

सामुदायिक सहयोग पर जोर

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य Mutual Exchange यानी एक-दूसरे की मदद की भावना को मजबूत करना रहा, ताकि आपदा के समय पूरा मोहल्ला एक इकाई बनकर कार्य कर सके।

जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की उपस्थिति

इस अवसर पर सरपंच श्रीमती कीर्तिलता दीवान, उपसरपंच श्री महेश्वर साहू, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री माधोराम निषाद, श्री केशव यादव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने बच्चों में न केवल जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उन्हें आपदा के समय आत्मविश्वास के साथ सही निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित किया।

सह संपादक

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