बलौदाबाजार प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: दो गांवों में रुकवाए गए बाल विवाह
बलौदाबाजार, 6 अप्रैल 2026 जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई ने तत्परता दिखाते हुए भाटापारा और सिमगा विकासखंड के दो अलग-अलग गांवों में होने वाले बाल विवाहों को समय रहते रुकवा दिया।
भाटापारा विकासखंड के एक गांव में विवाह की सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया गया कि:
- लड़की की उम्र: 15 वर्ष
- लड़के की उम्र: 20 वर्ष 10 माह
दोनों की आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी सीमा से कम पाई गई। प्रशासन की टीम ने परिवारजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंड और इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया, जिसके बाद परिजन विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए।
इसी तरह का दूसरा मामला सिमगा विकासखंड में सामने आया। यहाँ भी बालिका की आयु विवाह योग्य नहीं थी। अधिकारियों ने परिजनों और गांव के बुजुर्गों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया और दोनों पक्षों को सख्त कानूनी चेतावनी दी।
अधिकारियों की अपील: बाल विवाह एक कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर न केवल वर-वधु का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि परिवार को भी कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी दीपक राय, सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज, आउटरीच कार्यकर्ता विवेक वैष्णव व अर्चना वैष्णव, काउंसलर यशपाल जांगडे सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रहे।