कोरबा। जिले के छुरी स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में एक मासूम छात्र पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस गंभीर घटना ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज कर दी है।
घटना के सामने आते ही सांसद ज्योत्सना महंत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि छात्र-छात्राएं छात्रावास में भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
वहीं, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस ग्रामीण प्रभा सिंह तंवर ने तत्परता दिखाते हुए घायल छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। उनकी इस पहल को क्षेत्र में संवेदनशील और जिम्मेदार नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।
सख्त तेवर और स्पष्ट संदेश
सांसद का निर्देश: सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, निगरानी समितियों के गठन और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग।
तत्काल मानवीय पहल: प्रभा तंवर द्वारा घायल छात्र को समय पर इलाज दिलाकर सराहनीय उदाहरण पेश किया गया।
प्रशासनिक लापरवाही उजागर: छात्रावास अधीक्षक की अनुपस्थिति और रसोइए के खिलाफ पूर्व शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर चूक मानी जा रही है।
सुरक्षा पर जोर: स्वच्छ छवि वाले कर्मचारियों की नियुक्ति और छात्रावासों में कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर बल।
जवाबदेही पर उठे सवाल
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।
फिलहाल, पूरे मामले ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन और कैसे सुनिश्चित करेगा।