
रिपोर्टर टेकराम कोसले
महासमुंद जिला पुलिस द्वारा “नवा बिहान” जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत पिथौरा थाना परिसर के समक्ष स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए डिजिटल अरेस्ट की धमकी, सेक्सटॉर्शन, फेक ट्रेडिंग ऐप एवं फर्जी कॉल के माध्यम से होने वाली ठगी से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना, निजी जानकारी साझा करना और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना जोखिम भरा हो सकता है।
छात्र-छात्राओं को मजबूत पासवर्ड बनाने, सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स एवं टू-स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करने तथा साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग या फेक प्रोफाइल की तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को रिसीव न करें और यदि किसी परिचित के नाम से पैसों की मांग की जाए तो पहले स्वयं सत्यापन करें। किसी भी प्रकार के लालच जैसे पैसा दुगुना करने वाले ऑफर या “एपीके” फाइल लिंक से दूर रहने की समझाइश दी गई।
इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए “नशे को कहें ना, खुशहाल जीवन को कहें हां” का संदेश दिया गया।
यातायात सुरक्षा पर जोर देते हुए सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की सहायता करने, पुलिस को सूचना देने और “गुड सेमेरिटन” (नेक इंसान) की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। शासन द्वारा ऐसे मददगारों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि देने की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में डायल 112 (आपातकालीन सेवा) और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के महत्व को भी समझाया गया।
इस जागरूकता शिविर में लगभग 80 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।