पिथौरा में भूमिहीन कृषि मजदूरों को बड़ी राहत: खातों में पहुंचे 10-10 हजार रुपये, प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम संपन्न

SARJU PRASAD SAHU

March 26, 2026

पिथौरा। जनपद पंचायत पिथौरा सभागार में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पात्र हितग्राहियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राही, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे और पूरे आयोजन में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान विष्णुदेव साय द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से योजना का शुभारंभ किया गया, जिसका सीधा प्रसारण पिथौरा सभागार में भी किया गया। मुख्यमंत्री के उद्बोधन को उपस्थित जनों ने ध्यानपूर्वक सुना और योजना की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने योजना के तहत प्रदेश के लगभग 4.95 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया। इससे मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में भी हितग्राहियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। प्रमाणपत्र प्राप्त करते समय हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था, जो योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा घृतलहरें उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद ने की। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम घृतलहरें, सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, लक्ष्मीकांत सोनी, सुशील भोई एवं पुष्पकांत पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा जनपद पंचायत सीईओ योगेश्वरी बर्मन, तहसीलदार मनीषा देवांगन, नायब तहसीलदार ललित सिंह, नगर पंचायत सीएमओ बिरझुराम सोनबेर, उमेश दीक्षित सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में हितग्राही कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने की बात कही।

अधिकारियों ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

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