
रिपोर्टर टेकराम कोसले
सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़:
जिले के ग्राम खुरसुला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज चौथा दिवस श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान की लीलाओं का श्रवण कर रहे हैं।
आज के प्रमुख प्रसंगों ने बांधा समां:
कथा के चौथे दिन हिरण्यकश्यप जन्म, अजामिल प्रसंग, बृषासुर प्रसंग, भगवान नरसिंह अवतार तथा भक्त प्रह्लाद के चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक ने इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, भक्ति और सत्य की विजय का संदेश दिया।
हिरण्यकश्यप की अहंकारपूर्ण प्रवृत्ति और उसके अंत का वर्णन करते हुए बताया गया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। वहीं प्रह्लाद की अटूट भक्ति और भगवान नरसिंह के प्रकट होने की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
भक्ति में डूबा पूरा गांव:
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कथा श्रवण के साथ धर्म लाभ अर्जित किया।
मुख्य यजमान एवं आयोजन में सहयोग:
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान नकुलराम साहू, लक्ष्मी बाई साहू, सहदेव, राजेश्वरी, भीमसाय, सावित्री, धरमलाल भारती सहित समस्त साहू परिवार का विशेष योगदान रहा। इनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
समापन की ओर बढ़ रहा आयोजन:
श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और भी महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।