
रिपोर्टर टेकराम कोसले
महासमुंद, 13 मार्च 2026।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का वितरण शुक्रवार को किया गया। Narendra Modi ने असम की राजधानी Guwahati से देशभर के किसानों के खातों में योजना की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर पूरे देश में 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां 1 लाख 26 हजार 342 किसानों के खातों में 25.68 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर में हुआ कार्यक्रम
कृषि विकास, किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग महासमुंद तथा Krishi Vigyan Kendra, भलेसर के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किसानों को दिखाया गया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत महासमुंद की उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, ग्राम पंचायत शेर के सरपंच हरेन्द्र साहू, ग्राम पंचायत मोरधा की सरपंच चंपेश्वरी साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।
इस दौरान जिले के कलेक्टर Vinay Langeh, उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप, सहायक संचालक कृषि परमजीत कंवर तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. शर्मा समेत कई वैज्ञानिक और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें प्रमुख रूप से—
पपीते की उन्नत खेती तकनीक
मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए केंचुआ खाद उत्पादन
उन्नत सस्य तकनीक
मशरूम उत्पादन तकनीक
कृषि जैव विविधता एवं संरक्षण
रबी फसलों में पौध संरक्षण
सॉयल हेल्थ कार्ड की उपयोगिता
फसल अवशेष प्रबंधन और जैविक खाद
दलहन, तिलहन एवं लघु धान्य फसलों को बढ़ावा
इन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई ताकि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।
सभी विकासखंडों में मनाया गया पीएम किसान उत्सव दिवस
जिले के सभी विकासखंडों में भी पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई।
क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि चार-चार माह के अंतराल पर 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे किसान बीज, खाद और कृषि सामग्री खरीद सकें।