पलारी/रोहांसी।
रोहांसी सरकारी अस्पताल में आज दिनांक 08-12-2025 सोमवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब पलारी जनपद अध्यक्ष सविता भीम यादव को ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आदित्य वर्मा पहचान नहीं पाए। निरीक्षण के बीच यह घटना सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन की संवादहीनता और लापरवाही उजागर हो गई। क्षेत्र में सक्रिय रहने वाली जनपद अध्यक्ष को न पहचान पाना अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल परिसर में अव्यवस्था, मरीजों की परेशानियाँ, कई कर्मचारियों की अनियमितता और जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति देखकर सविता भीम यादव काफ़ी नाराज़ दिखीं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व डॉक्टर देवांगन को पलारी अस्पताल अटैच किए तीन महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन रोहांसी अस्पताल में आज तक किसी डॉक्टर को लिखित प्रभार नहीं दिया गया है। अस्पताल केवल मुचलकों के आधार पर चल रहा है, जिससे संचालन में न तो स्पष्टता है और न ही जिम्मेदारी तय है। अध्यक्ष ने इसे गंभीर प्रशासनिक ढिलाई बताया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल स्टाफ से पूछा कि जल्द होने वाली जेडीएस (जनपद स्तरीय विकास समिति) मीटिंग के लिए क्या तैयारियाँ की गई हैं, किन मुद्दों को प्रस्तावित किया गया है और स्वास्थ्य विभाग ने किन बिंदुओं को एजेंडा में शामिल किया है। कर्मचारियों के पास इसका स्पष्ट जवाब न होने पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि इतनी महत्वपूर्ण मीटिंग से पहले तैयारी का अभाव बिल्कुल अस्वीकार्य है।
कर्मचारियों की ढिलाई और जवाबदेही न दिखने पर सविता भीम यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाह कर्मचारियों को बर्खास्त करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की जान से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे, जिन्होंने अस्पताल की वास्तविक स्थिति, जनपद अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया और स्टाफ की कमजोरियों को मौके पर दर्ज किया। निरीक्षण के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वे लिखित प्रभार जारी करें, स्टाफ अनुशासन सुधारें और आगामी जेडीएस मीटिंग के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करें।