बलौदाबाजार, 23 नवम्बर 2025।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार अर्जुनी परिक्षेत्र में अवैध शिकार की रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए चल रहे अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। चीतल के अवैध शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वन विभाग की निरंतर गश्त, स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं के विश्लेषण और टीम की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप 19 नवम्बर 2025 को एक आरोपी तथा 22 नवम्बर 2025 को दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीधर वल्द मंगल सिंह बरिसा एवं अनिल वल्द चमार सिंह बरिहा, दोनों निवासी अर्जुनी, के रूप में हुई है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूर्ण कर दोनों को जिला जेल बलौदाबाजार में न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है।
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने गिरफ्तारी को विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की और आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रखने की बात कही। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें अवैध शिकार, फंदा लगाने, इलेक्ट्रिक ट्रैपिंग या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय रहते वन्यजीवों की रक्षा की जा सके।
उल्लेखनीय है कि 24 अगस्त 2025 को अर्जुनी परिक्षेत्र में चीतल के अवैध शिकार का मामला दर्ज किया गया था। घटना में शामिल चार आरोपियों में से दो को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि शेष दो आरोपी फरार थे, जिनकी लगातार तलाश वन विभाग की टीम द्वारा की जा रही थी।